पांच लाख रुपये की रिश्वतखोरी में गिरफ्तार मनीमाजरा की पूर्व एसएचओ जसविंदर कौर को रिमांड खत्म होने के बाद बुधवार को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीबीआई अदालत में पेश किया गया। अदालत ने आरोपी जसविंदर कौर को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। साथ ही जसविंदर कौर की उस याचिका को भी कोर्ट ने खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने खुद को अन्य कैदियोें से अलग रखने की मांग की थी।
इससे पहले जसविंदर कौर की याचिका पर सीबीआई ने अदालत में अपना जवाब दायर करते हुए कहा कि कानून के नियम सबके लिए बराबर हैं। कानून की नजर में कोई भी व्यक्ति स्पेशल नहीं है, इसलिए आरोपी जसविंदर कौर भी जेल में बंद ट्रायल पर चल रहे कैदियों से अलग नहीं हैं, जो उन्हें विशेष व्यवस्था दी जाए। बुड़ैल जेल के सुपरिंटेंडेंट ने भी कानून के नियमों के मुताबिक याचिका को खारिज करने की अपील की। इसके बाद अदालत ने आरोपी जसविंदर की याचिका को खारिज करते हुए न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अब मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त को होगी।
बता दें कि बीते मंगलवार को आरोपी जसविंदर कौर ने बुड़ैल जेल के सुपरिंटेंडेंट से अदालत में याचिका दायर कर खुद को अन्य कैदियों से अलग रखने की मांग की थी। उसने याचिका में उल्लेख किया था कि वह पिछले 20 साल से पुलिस में कार्यरत है और कई आपराधिक मामलों में गवाह और जांच अधिकारी है, उन मामलों से संबधित कैदी जेल में बंद हैं। कुछ मामलों में ट्रायल चल रहा है तो कुछ में कैदियों को सजा हो चुकी है। उन्होंने कहा था कि इनमें से कुछ कैदी प्रेम सिंह बिष्ट के सहयोगी हैं, इसलिए वह बदला लेने के लिए उन्हें जेल में नुकसान पहुंचा सकते हैं। प्रेमसिंह बिष्ट जसविंदर कौर से जुड़े एक अन्य रिश्वत मामले में शिकायतकर्ता हैं।
26 दिन बाद किया था सरेंडर
बीते शनिवार को पांच लाख रुपये की रिश्वत मामले में फरार चल रही आरोपी जसविंदर कौर ने अदालत में 26 दिन बाद सरेंडर किया था। अदालत ने आरोपी जसविंदर को भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी थी। दरअसल, मनीमाजरा निवासी गुरदीप सिंह ने सीबीआई को शिकायत दी थी। उसने कहा कि आरोपी जसविंदर कौर धोखाधड़ी के एक मामले में सुलझाने के एवज में पांच रुपये की रिश्वत की मांग कर रही है। इसके लिए वह दो लाख रुपये पहले ही दे चुका है। उसके बाद सीबीआई ने ट्रैप लगाकर बिचौलिए भगवान सिंह को एक लाख रुपये की दूसरी किस्त के साथ गिरफ्तार किया था, जोकि न्यायिक हिरासत में है।
डीआईजी ने जवाब दायर करने के लिए मांगा एक और हफ्ता
उधर, दो लाख रुपये की रिश्वत मामले में आरोपी जसविंदर कौर के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी देने के मामले में चंडीगढ़ पुलिस के डीआईजी ने अपना जवाब दायर करने के लिए एक सप्ताह का समय और मांगा है। उन्होंने अदालत से समय की मांग करते हुए कहा कि अगली सुनवाई से पहले ही वह अपनी अंतिम रिपोर्ट दायर कर देंगे। इस पर अदालत की ओर से एक केस का हवाला देते हुए कहा कि सक्षम प्राधिकारी द्वारा केस की जजमेंट का उल्लंघन है।
यह कहते हुए अदालत ने चंडीगढ़ डीआईजी को एक ओर अवसर देते हुए एक सप्ताह का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई 4 अगस्त हो होगी। दरअसल, जीरकपुर निवासी प्रेम सिंह बिष्ट ने 2017 में पुलिसकर्मियों के खिलाफ दो लाख रुपये की रिश्वत लेने की शिकायत दी थी। इसके बाद उन्होंने फरवरी 2020 को अदालत में याचिका दायर कर जसविंदर कौर को आरोपी बनाने की मांग की थी। इस पर अदालत ने जसविंदर पर मुकदमा चलाने की मंजूरी देने पर चंडीगढ़ डीआईजी से जवाब दायर करने के लिए नोटिस जारी किया था।