मुकेरियां (होशियारपुर)। मुकेरियां में संयुक्त किसान मोर्चा और अन्य गैर-राजनीतिक किसान जत्थेबंदियों के नेतृत्व में गन्ना किसानों का धरना वीरवार को गन्ना मिल मुक़ेरियां के सामने शुरू हुआ और शुक्रवार को दूसरे दिन भी लगातार जारी रहा। किसानों की प्रमुख मांगों पर सरकार और आयोग से कोई स्पष्ट जवाब न मिलने के कारण दोपहर में गन्ना किसानों ने जालंधर-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्का जाम कर दिया।
पिछली बैठक बेनतीजा रहने के बाद किसानों का गुस्सा और बढ़ गया है। दोपहर करीब 2.30 बजे जत्थेबंदियों के नेताओं और सदस्यों ने मिल के सामने सड़क की एक साइड जाम कर दी जिससे ट्रैफिक बाधित हो गया और राहगीरों व स्कूली बसों को निकलने में कठिनाई हुई। पुलिस ने कुछ समय के लिए वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से निकालकर स्थिति को नियंत्रित किया।
धरने के दौरान किसान नेताओं ने कहा कि गन्ने की पिराई में देरी से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान होगा। गर्मी के महीनों में फसल का सीजन चले जाने से मजदूरी का बोझ बढ़ेगा और गन्ने का वजन घटेगा। पगड़ी संभाल लहर पंजाब के सूबा प्रधान सतनाम सिंह बागड़ियां ने कहा कि सरकार और मिल मालिकों की बेरुखी के कारण किसानों को अपनी मेहनत की फसल का उचित मूल्य पाने के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो किसान गन्ने की फसल से मुंह मोड़ सकते हैं।