पठानकोट में दाना मंडी में नारेबाजी करते किसान और लेबर।
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धान की फसल मंडियों में आ चुकी है, लेकिन खरीद के लिए किए गए सरकार के दावे खोखले साबित हुए हैं। पठानकोट की भोआ दाना मंडी में न तो बारदाना पहुंचा है और न ही सरकारी खरीद शुरू हुई है। जिसके चलते शुक्रवार को 5 दिन से मंडी में खाली बैठे किसानों के सब्र का बांध टूट गया। किसानों और खेत मजदूरों ने भोआ दाना मंडी में सरकार और मार्केट कमेटी अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों का कहना है कि सरकार की ओर से बयान दिए जा रहे हैं कि मंडियों में किसानों की फसल को तुरंत खरीद लिफ्ट करवाया जा रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे उलट है। असल में किसान मंडियों में परेशान हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि किसान पांच दिन से धान की फसल लेकर मंडी में बैठे हैं। किसान जनक राज, विक्रम सिंह, प्रिंस राज, संतोष कुमार, बृजेश कुमार, विनोद कुमार, मनोज कुमार और सुधीर कुमार ने रोष जताते हुए कहा कि यहां पर अभी तक सरकार की ओर से बारदाना ही नहीं दिया गया, खरीद कैसे होगी। उन्होंने कहा कि वह पांच दिन से परेशान हो रहे हैं। लेकिन, अभी तक किसी ने उनकी धान की फसल नहीं खरीदी। किसानों ने साफ कहा कि सरकार के दावे सिर्फ किसानों को मूर्ख बनाने के लिए किए जाते हैं।
मजदूर भी काम न मिलने से सरकार से नाराज
किसानों के साथ मंडी में पहुंचे मजदूर भी काम न मिलने से सरकार को कोस रहे हैं। बिहार के राजू, छत्तीसगढ़ के रमेश और सुनील ने बताया कि वह भी काफी दिनों से मंडी में बेकार बैठे हैं, काम नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि वह बिहार से यहां रोजी-रोटी कमाने के लिए आए हैं, लेकिन काम न होने के कारण खाने के लाले पड़ गए हैं। वहीं, मार्केट कमेटी इंस्पेक्टर बंटी ने कहा कि वह सरकार के नियमों के अनुसार ही धान की फसल में नमी की मात्रा जांच कर ही फसल को उठाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासन धान की फसल को उठाने के लिए पुख्ता प्रबंध कर चुका है और खरीद भी की जा रही है।