बहिबल गोलीकांड केस में एसआईटी ने शुक्रवार को तत्कालीन एसपी फाजिल्का बिक्रमजीत सिंह, तत्कालीन एसएचओ बाजाखाना अमरजीत सिंह कुलार के अलावा चार आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट सुरेश कुमार की अदालत में उक्त अधिकारियों समेत पुलिस अधिकारियों की मदद मामले में नामजद सुहेल सिंह बराड़ व मोगा के कारोबारी पंकज बंसल के खिलाफ चालान पेश किया गया। इस केस में एसआईटी द्वारा मुख्य आरोपी और तत्कालीन एसएसपी मोगा चरणजीत सिंह शर्मा के खिलाफ पहले ही अदालत में चार्जशीट दी जा चुकी है और इन दिनों उन पर आरोप तय करने की प्रक्रिया चल रही है।
जानकारी के अनुसार बहिबल गोलीकांड की घटना में 14 अक्तूबर 2015 को पुलिस की गोली लगने से दो धरनाकारियों की मौत हो गई थी। इसमें एक सप्ताह बाद 21 अक्तूबर 2015 को थाना बाजाखाना में अज्ञात पुलिस पार्टी के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। कांग्रेस सरकार द्वारा गठित जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट के आधार पर साल 2018 के दौरान उक्त केस में तत्कालीन एसएसपी मोगा चरणजीत सिंह शर्मा, उनके रीडर इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह, एसपी फाजिल्का बिक्रमजीत सिंह और एसएचओ बाजाखाना अमरजीत सिंह कुलार को नामजद किया गया। इसमें से एसएसपी शर्मा की गिरफ्तारी के बाद उनके खिलाफ चालान भी पेश हो चुका है जबकि बाकी तीनों को हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिली हुई है। हाल ही में एसआईटी ने आरोपी इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह को केस का वादा माफ गवाह बना लिया है जबकि बाकी दोनों पुलिस अधिकारियों के अलावा आरोपी पुलिस अधिकारियों की झूठे सबूत तैयार करने के आरोप में नामजद सुहेल सिंह बराड़ व पंकज बंसल के खिलाफ चालान पेश कर दिया गया है। वहीं तत्कालीन डीजीपी सुमेध सिंह सैनी व आईजी परमराज सिंह उमरानंगल को अभी तक जांच में ही शामिल नहीं किया गया है।