बीते कुछ दिनों से सूबे में गिरे तापमान और पड़ रहे कोहरे की वजह से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं।
कोहरे के कारण गेहूं के बीज अंकुरित हो रहे हैं। ज्यादा पौधे अंकुरित होने से गेहूं की पैदावार भी ज्यादा होती है। किसानों को बेहतर फसल होने की आस बंध गई है।
सूबे में पड़ रहे कोहरे और भारी सर्दी से गेहूं के दाने की उच्च क्वालिटी होने की संभावना है। प्रदेश में इस साल 35 लाख हेक्टेयर रकबे पर गेहूं की बिजाई की गई है।
सूबे में अधिकतम 15 से 16 डिग्री और न्यूनतम तापमान 1 डिग्री तक पहुंच गया है। इस तरह का तापमान रहने और कोहरा पड़ने से फसल की क्वालिटी तो बढ़िया होती है, साथ ही पैदावार भी बढ़ जाती है।
विशेषज्ञों की माने तो अगर ऐसा मौसम लगातार रहा तो पंजाब में इस साल आने वाली गेहूं की पैदावार बढ़ सकती है।
कुछ दिन से पड़ रहे कोहरे के बारे में कृषि अधिकारी बख्शीश सिंह का कहना है कि हमें उम्मीद थी कि मौसम करवट जरूर लेगा।
जिस तरह से तापमान गिरा है और कोहरा पड़ना शुरू हो गया है, उससे उम्मीद है कि किसानों को उनकी मेहनत का फल मिल जाएगा।
कृषि माहिर डा. राजकुमार का कहना है कि तापमान गिरने और कोहरा पड़ने से अब एरिंग (अंकुरित) होनी शुरू हो जाएगी। गेहूं का झाड़ सही ढंग से हो सकेगा।