किसानों ने कृषि कानूनों के खिलाफ दशहरे पर इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कारपोरेट कंपनियों के मालिकों के पुतले फूंकने का एलान किया है। इसके अलावा हरियाणा में रोष प्रदर्शन के दौरान पुलिस लाठीचार्ज की निंदा कर किसानों ने वहां के मुख्यमंत्री मनोहर लाल और प्रधानमंत्री मोदी के पुतले फूंककर रोष प्रदर्शन किया। साथ ही किसानों ने कहा कि दिल्ली में आठ अक्तूबर को होने वाली बैठक में पंजाब के किसान हिस्सा नहीं लेंगे।
किसान नेता सतनाम सिंह पन्नू, सरवन सिंह, इंद्रजीत सिंह व रणबीर सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से उन्हें दिल्ली में बुलाई गई बैठक का निमंत्रण आया है, उस पर लंबी बातचीत करने के बाद किसान जत्थेबंदियों ने फैसला किया है कि बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे। बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ होनी चाहिए, जिन मंत्रियों ने बैठक बुलाई है, उनके पास फैसला लेने का हक नहीं है।
किसानों ने कहा कि बैठक में हरियाणा और अन्य राज्यों के किसानों को नहीं बुलाया गया है, ऐसा कर सरकार किसानों में फूट डालना चाहती है। सरवन सिंह ने कहा कि हरियाणा में रोष प्रदर्शन कर रहे किसानों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया है, जो बहुत गलत है। लाठीचार्ज के खिलाफ पंजाब में किसानों ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुतले फूंककर रोष जाहिर किया है। किसानों ने कहा कि इस बार दशहरे पर पंजाब में रावण, मेघनाथ की बजाए प्रधानमंत्री मोदी और कारपोरेट कंपनियों के मालिकों के पुतले फूंके जाएंगे।