गुरु दक्षिणा कार्यक्रम के लिए मंदिर का हॉल बुक करवाने को लेकर वीरवार को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भाजपा नेताओं ने गीता मंदिर में पूर्व जिला कांग्रेस प्रधान अरुण वालिया से मारपीट की।
आरएसएस नेताओं का आरोप है कि वालिया ने अपशब्दों का इस्तेमाल किया वहीं वालिया ने इन आरोपों से इंकार किया है। वालिया को दो बार पीटा गया। पहली बार थाना प्रभारी के सामने उन्हें पीटा गया, जबकि दूसरी बार एडीसीपी परमिंदर भंडाल की मौजूदगी में। हालांकि बाद में पुलिस ने दोनों पक्षों में समझौता करवा दिया।
कांग्रेस के पूर्व जिला प्रधान और मौजूदा प्रदेश सचिव अरुण वालिया गीता मंदिर के प्रधान भी हैं। वह वीरवार को गीता मंदिर में बैठे हुए थे। इस दौरान आरएसएस के नरेश मल्होत्रा और सुमेश लूथरा गुरु दक्षिणा कार्यक्रम के लिए हॉल बुक करवाने पहुंचे। उन्होंने गीता मंदिर का हॉल बुक करने के लिए कहा तो वालिया ने कहा कि मंदिर एक धार्मिक स्थल है, यहां पर राजनीतिक पार्टी के लिए कोई स्थान नहीं है।
इसकोे लेकर बहसबाजी और धक्कामुक्की हो गई। आरएसएस नेताओं ने इसकी सूचना अपने साथियों को दी, जिसके बाद आरएसएस के कई सीनियर अधिकारी पहुंचे। उन्होंने कांग्रेसी नेता को समझाया कि आरएसएस मंदिर में लंबे समय से गुरु दक्षिणा कार्यक्रम आयोजित करती आ रही है। आरएसएस नेता बलराज गुप्ता का कहना है कि वालिया ने उनके अधिकारी सुमेश लूथरा को धक्के भी मारे और संघ के गुरु के प्रति अपशब्दों का इस्तेमाल किया। इसलिए वालिया को कहा गया था कि वह इस पर खेद प्रकट कर माफी मांगें, लेकिन वालिया ने गाली गलौच जारी रखा।
वहीं घटनास्थल पर सबसे पहले थाना छह के एसएचओ सुमित सूद पहुंचे। उनके सामने ही आरएसएस और भाजपा के कई युवा नेताओं ने वालिया की मंदिर में ही पिटाई की। किसी तरह से थाना छह की पुलिस वालिया को बचाकर थाने ले आई। सूचना पाकर एडीसीपी परमिंदर भंडाल भी पहुंचे और उन्होंने थाने में आकर वालिया से बात की औउसे लेकर दोबारा मंदिर आ गएइस दौरान वहां पर युवा भाजपा नेताओं का जमघट लग चुका था, जिसमें भाजपा नेता अशोक सरीन हिक्की, जिला भाजयुमो प्रधान राजीव ढींगरा, उपाध्यक्ष हिमांशु, भाजपा नेता अजय चोपड़ा, भाजपा प्रदेश ट्रांसपोर्ट सेल के चेयरमैन अमरजीत सिंह अमरी, करण विज, संघ के वरिष्ठ नेता बलराज गुप्ता, योगेश धीर, आरएसएस के वरिष्ठ अधिकारी ठाकुर बलवंत राय शामिल थे।
इस दौरान आरएसएस व भाजपा नेता वालिया पर माफी मांगने के लिए दबाव बनाने लगे। इस पर दोबारा तनाव हो गया और भाजपा नेताओं ने दोबारा वालिया की पिटाई कर दी। वहीं संघ के वरिष्ठ अधिकारी सुमेश लूथरा को ब्लड प्रेशर लो होने के कारण अस्पताल में भरती करवाने की बात पर भी कार्यकर्ताओं ने वालिया को पीटा। इससे दोबारा मंदिर में शोर मच गया। वहीं कांग्रेस के पूर्व जिला प्रधान अरुण वालिया का कहना है कि उन्होंने किसी संघ अधिकारी को अपशब्द नहीं कहे थे, जानबूझकर कुछ नेताओं ने माहौल को बिगाड़ा है।