मुक्तसर के श्री राम भवन में कार्तिक महात्म्य सुनाते स्वामी कमलानंद जी। अमर उजाला
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श्री राम भवन में चल रहे कार्तिक महोत्सव के तहत वीरवार को धनतेरस पर चर्चा करते हुए स्वामी कमलानंद जी महाराज ने कहा कि त्रयोदशी के दिन भगवान धनवंतरि जी का अवतार हुआ, जो देवताओं के वैद्य हैं। त्रयोदशी के दिन ही धनवंतरी समुद्र से कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसलिए शृंगार सामग्री एवं अमूल्य वस्तु बाजार से खरीदने का महत्वपूर्ण दिन माना गया है। आज धनतेरस पर धनिया के कुछ सूखे दाने खरीद कर घर में रखें और उन्हें दीवाली के दिन घर, दुकान, गोदाम, खेत, जमीन एवं तिजोरी में बिखेर दें। ऐसा करने से उन्नति और तरक्की होती है।
महाराज जी ने कहा कि धनतेरस में जगत जननी भगवती महामाया जगदम्बा की पूजा कल्याणकारी है। पूजा में जो कोई भी भोग सामग्री लाएं वो सफेद रंग का हो, खासकर के मिष्ठान। ऐसा करना लाभकारी होने के साथ-साथ लक्ष्मी की वृद्धि कराने वाला होता है। आज के दिन कुबेर जी की पूजा का भी विधान है। कुबेर जी को प्रसन्न करने के लिए धूप-दीप, मिष्ठान फल से पूजन करने के बाद कुबेर जी के मंत्र का जप करना भी धन वृद्धि का योग बनाता है। स्वामी जी ने कहा कि कार्तिक के महीने में नित्य नए-नए त्यौहार आते हैं जो लोगों को खुश रहने, आपसी प्रेम और सौहार्द बांटने और अपने अंदर की बुराइयों को खत्म कर अच्छाइयों को स्वीकार करने की प्रेरणा देते हैं।
श्री राम भवन में धनतेरस पर मंत्र जाप आज
श्री राम भवन में धनतेरस पर 25 अक्तूबर (शुक्रवार) को शाम सवा चार से सवा पांच बजे तक स्वामी कमलानंद जी के सानिध्य में श्री गणेश व मां लक्ष्मी मंत्र का जाप होगा। स्वामी कमलानंद जी के अनुसार धनतेरस पर इस मंत्र के जाप से घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है और रिद्धि-सिद्धि बढ़ती है।
मुक्तसर के श्री राम भवन में कार्तिक महात्म्य श्रवण करते श्रद्धालु। अमर उजाला- फोटो : MUKTSAR