मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के साथ हुए समझौते को लागू करवाने की मांग पर खेत मजदूर संगठनों का लंबी में धरना शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। मजदूरों ने जहां राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, वहीं राष्ट्रीय राज्य मार्ग पर जाम लगा दिया।
खेत मजदूर संगठनों के नेताओं अध्यक्ष जोरा सिंह नसराली, महासचिव लछमण सिंह सेवेवाला, वित सचिव हरमेश मालड़ी ने कहा कि राज्य सरकार खेत मजदूर विरोधी है। 1 अप्रैल को हुए समझौते के बाद भी मजदूरों को न तो प्लॉट अलाट किए हैं और न ही अलाट किए प्लाट पर कब्जा दिया या है।
इस दौरान उन्होंने शारीरिक योग्यता, शैक्षणिक व बौद्धिक योग्यता के आधार पर पक्का रोजगार देने, गो रक्षा के नाम पर दलितों पर अत्याचार बंद करने, ठेका प्रणाली रद्द करने, मजदूरों के ऋण माफ करने की मांग की। इस दौरान मेजर सिंह, बलवंत सिंह, हरभगवान सिंह, तरसेम सिंह, सेवक सिंह, सुखा सिंह, गुरपाश सिंह, हेमराज और भुपेंदर सिंह मौजूद थे।