जालंधर/अमृतसर। जालंधर और अमृतसर में राज्यस्तरीय कानून एवं व्यवस्था को लेकर डीजीपी गौरव यादव ने उच्च स्तरीय बैठक की गई। बैठक में पंजाब की विभिन्न विशेष यूनिटों के प्रमुख मौजूद रहे। डीजीपी यादव ने पहले बॉर्डर रेंज के अधिकारियों के साथ बैठक की जिसमें डीआईजी नानक सिंह, पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत भुल्लर व बॉर्डर जिलों के तमाम एसएसपी मौजूद रहे। बैठक में फील्ड अधिकारियों को गांवों और शहरी मोहल्लों में बिक्री के बिंदुओं पर नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ प्रयासों को तेज करने के साथ-साथ नागरिक सुरक्षा को प्रभावित करने वाले अपराधों जैसे जबरन वसूली कॉल, स्नैचिंग, चोरी और सेंधमारी से निपटने के लिए जानकारी दी गई। स्वतंत्रता दिवस को लेकर सुरक्षा मजबूत करने के आदेश दिए और सुरक्षा को लेकर समीक्षा भी की।
बाद में डीजीपी ने जालंधर रेंज के अधिकारियों के साथ बैठक की जिसमें पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर के अलावा डीआईजी नवीन सिंगला मौजूद थे। इसमें रेंज के तमाम एसएसपी के अलावा कमिश्नरेट के अधिकारी मौजूद थे। एसएसपी और सीपी को जबरन वसूली कॉल के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति का उपयोग करने का आदेश दिया गया। हिंसक अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने, निगरानी बढ़ाने और अपराध का पता लगाने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करने और नशीली दवाओं के तस्करों की संपत्तियों को जब्त करने को सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। सुरक्षा को लेकर समीक्षा भी की गई। वहीं, अमृतसर में डीजीपी गौरव यादव सोमवार की शाम गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी में आयोजित एक कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान के तहत पंजाब में सैकड़ों नशा तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है। नशा तस्करों के कब्जे से हेरोइन, अफीम, नशीली दवाएं व अन्य नशीले पदार्थ भारी मात्रा में बरामद किए जा चुके हैं। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को आदेश दिया है कि नशा तस्करों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इस मौके पर सीपी गुरप्रीत सिंह भुल्लर, एसएसपी मनिंदर सिंह, डीसीपी आलम विजय, एडीसीपी विशालीत सिंह, एसपी आदित्य वारियर, एडीसीपी हरपाल सिंह, एडीसीपी जसरूप कौर के अलावा कई पुलिस अधिकारी मौजूद थे।