डिवीजनल जनरल मैनेजर (डीजीएम) की अगुवाई में टीम ने शुक्रवार को फिरोजपुर मार्केट कमेटी में छापामारी की है। बताया जा रहा है कि टीम ने फीस चोरी और कर्फ्यू पास (गेहूं की खरीद-फरोख्त के लिए जारी किए गए पास) में हुए घोटाले के संबंध में छापा मारा है। टीम अपने साथ लगभग छह आढ़तियों के दस्तावेज साथ ले गई है। मालूम हो कि मार्केट कमेटी पंजाब के वाइस चेयरमैन विजय कालड़ा ने कहा था कि मार्केट कमेटी में हो रहे घोटालों की निष्पक्ष जांच करवाई जाएगी, उसी के संबंध में टीम ने मार्केट कमेटी दफ्तर में कार्रवाई की है। बता दें कि कर्फ्यू पास घोटाले के संबंध में शुक्रवार को खबर प्रकाशित हुई है।
सूत्रों के अनुसार शुक्रवार सुबह औचक डीजीएम प्रदीप सिंह बराड़ की अगुवाई में लगभग आठ सदस्यों की टीम ने मार्केट कमेटी दफ्तर में छापा मारा। दफ्तर के दस्तावेज खंगालने के बाद टीम छह आढ़तियों के दस्तावेज अपने साथ ले गई है। जानकारों का कहना है कि मंडी फीस और कर्फ्यू पास में हुए घोटाले की जांच टीम कर रही है। कई आढ़तियों के पास लाइसेंस नहीं है वो भी कई प्रकार की सब्जियां खरीद रहे हैं। कई आढ़तियों ने हरी मिर्च की खरीद की लेकिन मार्केट फीस नहीं दी, यह सब अधिकारियों की मिलीभगत से चल रहा है। बताया जा रहा है कि कई अधिकारियों की मिलीभगत से व्यापारी बड़े क्रेट में सामान लेकर आते हैं, जिसमें माल का वजन लगभग 22 से 24 किलो होता है, लेकिन मार्केट फीस में चोरी करने के लिए उसे छोटा क्रेट दिखा देते हैं, जिसका वजन तकरीबन 10 किलो होता है। ऐसा कर फीस में घोटाला किया जा रहा है, जिसकी शिकायत मार्केट कमेटी के वरिष्ठ अधिकारियों को दी थी। टीम ने कर्फ्यू पास का घोटाला उजागर होने पर उसकी भी जांच शुरू कर दी है।
उधर, मार्केट कमेटी फिरोजपुर के सेक्रेटरी मुकेश कुमार ने डीजीएम प्रदीप सिंह बराड़ के आने की पुष्टि करते हुए कहा कि वह रूटीन की चेकिंग संबंधी आए थे।