डीसी साहब, ये मेडल हमारे जीवन भर की पूंजी हैं, इन्हें संभाल कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंचाया जाए। वन रैंक वन पेंशन को सही ढंग से लागू न करने से दुखी पूर्व आर्मी अफसरों ने डीसी के सामने अपना दुख जाहिर किया है।
सरकार के इस फैसले के खिलाफ इन 33 पूूर्व आर्मी अफसरों ने अपने मेडल डीसी को लौटा दिए। इस दौरान इन पूर्व आर्मी अफसरों ने प्रधानमंत्री पर धोखा देने का भी आरोप लगाया।
पूर्व कर्नल बलबीर सिंह की अगुवाई में इन पूर्व आर्मी अफसरों ने डीसी कमल किशोर यादव को अपने मेडल सौंपे। इस दौरान उन्होंने वन रैंक वन पेंशन का भी विरोध जताया।
उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से पेंशन 2012-13 से शुरू की जा रही है, लेकिन उनको इसे 2013-14 से शुरू करना चाहिए। उन्होंने कहा कि 2012-13 में उनका वेतन कम था। इस वजह से उनकी पेंशन भी कम बन रही है।
उन्होंने कहा कि वह इस फैसले का कई बार विरोध कर चुके हैं। इसके बावजूद सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही। सरकार की इस बेरुखी से उनको अपने मेडल वापस लौटाने पर मजबूर होना पड़ा है।
सर्विस के दौरान बहादुरी के लिए मिले इन मेडल को लौटाने डीसी कमल किशोर यादव के पास पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार का यह फैसला पूर्व आर्मी अफसरों के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि इस फैसले के विरोध में 15 नवंबर को अंबाला में एक महा रैली का आयोजन किया जा रहा है। इसमें भारी संख्या में पूर्व आर्मी अफसर पहुंच कर सरकार के इस फैसले का विरोध जताएंगे।
इस दौरान आगे की रणनीति पर भी विचार किया जाएगा। हैरानी की बात यह रही कि डीसी ने सभी आर्मी अफसरों से बिना कोई सवाल जवाब किए मेडल वापस ले लिए।