जालंधर। सरकारी स्कूलों में इन दिनों परीक्षाएं चल रही हैं। ऐसे में स्कूलों में कोरोना का खतरा बढ़ सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर सख्त बंदोबस्त करने शुरू कर दिए हैं। सरकारी स्कूलों में बच्चों को बिना मास्क और बिना हाथ सैनिटाइज किए प्रवेश नहीं दिया जा रहा है।
शुक्रवार को सरकारी गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, नेहरू गार्डन में पहुंची छात्राओं का सबसे पहले तापमान चेक कर उनके हाथ सैनिटाइज करवाए गए। स्कूल प्रिंसिपल गुरिंदरजीत कौर भी मौके पर मौजूद थीं। छात्राओं को लाइन में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ कक्षाओं में भेजा गया। कक्षा में पहुंचने के बाद भी छात्राओं को सोशल डिस्टेंसिंग के तहत बैठाया गया था। छात्राओं को मास्क न उतारने के लिए भी कहा गया। प्रिंसिपल गुरिंदरजीत कौर ने कहा कि वह खुद इस बात का ध्यान रखतीं हैं कि सभी छात्राएं व स्टाफ सरकारी नियमों का पालन जरूर करें। बिना मास्क के स्कूल आने वाली छात्राओं को स्कूल में प्रवेश नहीं दिया जाता है।
जालंधर के ही सरकारी मॉडल को-एजुकेशन सीनियर सेकेंडरी स्मार्ट स्कूल, लाडोवाली रोड पर भी बच्चों को पूरे अनुशासन के साथ स्कूल में प्रवेश करने दिया गया। विद्यार्थियों का पहले तापमान चेक किया गया। उसके बाद हाथ सैनिटाइज किए गए। जिन विद्यार्थियों ने मास्क नहीं पहना था उन्हें स्कूल के अंदर नहीं आने दिया गया। स्कूल प्रिंसिपल बरिंदर कौर ने कहा कि जो विद्यार्थी मास्क के बिना स्कूल आते हैं, उनको स्कूल में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है। सरकारी मॉडल को-एजुकेशन जूनियर स्मार्ट स्कूल में छोटे बच्चे भी अनुशासन का पालन करते देखे गए। स्कूल पहुंचे छोटे बच्चों ने भी मास्क लगाया हुआ था। स्कूल में बने क्लासरूम में भी बच्चे दूरी बनाए रखे हुए थे। क्लासरूम में मौजूद टीचर भी मास्क पहने थी। स्कूल प्रिंसिपल मनिंदर कौर ने कहा कि छोटे बच्चों में नियम का पालन करवाने के लिए उन्होंने स्टाफ की जिम्मेदारी तय की हुई है।