पावरकॉम के एसडीओ और जेई के गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार से दो असिस्टेंट
लाइनमैन (एएलएम) की जान पर बन आई। वीरवार शाम गांव वडाला कलां में 11 केवी
तार को ठीक करने के लिए खंभे पर चढ़े दोनों कर्मी करंट लगने से झुलस गए।
दोनों झुलसे कर्मियों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से
एक गंभीर को डीएमसी लुधियाना रेफर कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार एएलएम
जिया लाल और नारायण प्रसाद वीरवार को गांव वडाला कलां में 11 केवी तार की
मरम्मत करने गए थे। इन्हें एसडीओ सब-अर्बन रविंदरपाल सिंह भसीन और जेई
जतिंदरपाल सिंह ने फाल्ट ठीक करने के लिए भेजा था। मौके पर न तो जेई थे और न
ही एसडीओ। मरम्मत करने के लिए दोनों खंभे पर चढ़े तो जानकारी न होने के
चलते अंदाजे से प्रभावित तार के बजाय उसके साथ वाली दूसरी तार को ठीक करने
लगे, जिससे उन्हें करंट लगा और दोनों नीचे गिर गए। पावर कर्मियों को इसकी
सूचना मिली तो एसडीओ व जेई मौके पर पहुंचे और दोनों को सिविल अस्पताल
कपूरथला में भर्ती कराया। जिया लाल के 50 प्रतिशत तक झुलसने के कारण उसे
डीएमसी लुधियाना रेफर कर दिया गया।
जिया लाल ग्रिड मेंटेनेंस में
कार्यरत है और बिना बताए तार मरम्मत करने के लिए आया था। जहां पर घटना घटी,
वहां पर दो फीडर हैं और दोनों के इंचार्ज जतिंदरपाल सिंह हैं। जिस 11 केवी
तार की मरम्मत की जानी थी, उसकी जेई ने अनुमति ली हुई थी। जेई जतिंदर पाल
सिंह ने माना कि वह मौके पर नहीं थे। कहा कि वह तो कनेक्टर लेने गए हुए थे।
जेई जतिंदर पाल सिंह ने माना कि वह मौके पर नहीं था। कहा कि वह तो कनेक्टर
लेने गए हुए थे।
एसडीओ सब-अर्बन रविंदरपाल सिंह से जब जिया लाल के
ग्रिड मेंटेनेंस से संबंधित होने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कुछ भी
कहने से इंकार कर दिया। चौकी साइंस सिटी के इंचार्ज एएसआई निरवैर सिंह ने
कहा कि जांच जारी है। 50 प्रतिशत झुलसे पावरकॉम कर्मी के बयान लेने के बाद
कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
---कोट---
मामला गंभीर है। इस घटना
की जांच की जिम्मेदारी एक्सईएन ज्ञान सिंह संधू को सौंपी गई है। वह मामले
की विस्तृत जांच करके रिपोर्ट सौंपेंगे। हर संबंधित अधिकारी से जवाबतलबी
होगी। जिसकी गलती पाई गई, उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
वैसे एएलएम ने गलती से दूसरी तार को टच कर लिया था, जिसमें करंट था।
कंवर जसवंत सिंह, एसई, कपूरथला
वह
मामले की जांच कर रहे हैं। एएलएम गलत लाइन पर चढ़ गए थे। इसकी निष्पक्ष
जांच करके रिपोर्ट सौंपी जाएगी। किसी भी पक्ष से अन्याय नहीं होगा।
ज्ञान सिंह संधू, एक्सईएन, कपूरथला
एएलएम जिया लाल उनके विभाग का कर्मचारी है। उसने 11 केवी तार ठीक करने की मरम्मत के लिए मुझसे कोई आधिकारिक अनुमति नहीं ली है।
गुरप्रीत सिंह, एक्सईएन ग्रिड मेंटेनेंस, कपूरथला
11
केवी तार की बिजली सप्लाई शटडाउन करने के लिए जेई ने अनुमति ली थी। इसके
अनुरूप ही जिस लाइन को शटडाउन करने के लिए कहा गया था, उसका सप्लाई बंद कर
दी गई थी।
चेतन कुमार, एक्सईएन सब-स्टेशन, कपूरथला।
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यह है नियम
पावरकॉम
की नियमावली के अनुसार 11 केवी तार की मरम्मत के समय संबंधित एरिया के
एसडीओ और जेई का मौके पर होना जरूरी है। उनकी सुपरविजन में ही मरम्मत होनी
चाहिए।
काला संघिया की घटना से नहीं लिया सबक
पावरकॉम ने नौ
मार्च की काला संघिया की घटना से सबक नहीं लिया है। इसमें पावरकॉम के
अधिकारी की लापरवाही सामने आई थी। यह घटना गांव बलेरखानपुर के गुरुद्वारा
टाहली साहिब के पास स्थित ट्रांसफार्मर को ठीक करते समय कर्मी जिंदा जल गया
था।