होटलियर रंजीत पोवार हत्याकांड में यूके और पंजाब पुलिस आमने सामने आ गई है। यूके की पुलिस का दावा है कि भारत से पंजाब पुलिस की ओर से भेजा गया शव होटलियर रंजीत पोवार का नहीं है। यह दावा यूके की पुलिस ने अदालत में भी किया है कि भारत से भेजा गया शव होटलियर रणजीत सिंह पोवार का नहीं था। जांच अधिकारियों ने इस दावे के पीछे डीएनए टेस्ट को बेस बनाया है।
वेस्ट मिडलैंड पुलिस के डीसी जाहिद अहमद के मुताबिक पोस्टमार्टम के दौरान शव का दांत और पवार के दांतों के ब्रुश से प्राप्त डीएनए के मिलान से पता चला कि यह शव पोवार का नहीं है।
डीसी अहमद ने यह भी कहा है कि भारतीय अथारिटी अभी भी यह मानती है कि यह शव पोवार का है। फिलहाल मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने केस की जांच को जारी रखा है। क्योंकि लाश किसी और व्यक्ति की निकलने के बाद पोवार की हत्या को लेकर पंजाब की जालंधर पुलिस कटघरे में आ गई है।
रणजीत पोवार बीते साल मई में यूके से भारत आया थे। वे अमृतसर एयरपोर्ट से लापता हो गए थे। बाद में एक शव हरियाणा में नहर से मिला था, जिसे पंजाब पुलिस ने रणजीत पोवार का बताया था।
पुलिस ने मामले में एक टैक्सी ड्राइवर सुखदेव सिंह को गिरफ्तार किया था। सुखदेव पर आरोप था कि उसने रणजीत के यूके रहते दोस्त के साथ मिलकर उसकी हत्या की है। इस मामले में अमर उजाला पहले भी खुलासा कर चुका है कि यूके में दांतों से लिया गया डीएनए टेस्ट निगेटिव आया है।
इसलिए जालंधर की पुलिस ने अपने तौर पर यूके में रंजीत पोवार की माता और भाई अमरीक पोवार को भारत बुलाया था, ताकि यहां पर डीएनए टेस्ट करवाया जा सके। यूके में जहां मिडलैंड पुलिस का दावा है कि शव रंजीत पोवार का नहीं है, वहीं पंजाब पुलिस अपना दावा सही जता रही है।
एडीसीपी अमरीक पोवार का कहना है कि डीएनए की रिपोर्ट अभी नहीं आई है। जांच एजेंसी जालंधर की पुलिस है, इसलिए यहां की रिपोर्ट ही मान्य होगी।