भाजपा नेता की प्रताड़ना से दुखी होकर लाइनमैन रामशंकर ने जहरीला पदार्थ निगलकर खुदकुशी कर ली। दो दिन पहले भाजपा नेता ने रात के समय लाइनमैन से मारपीट की थी, उसका कसूर सिर्फ इतना था कि बिजली फाल्ट के कारण गुल हो गई थी।
भाजपा नेता ने अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचकर उससे मारपीट की। अधिकारियों ने भी रामशंकर का साथ नहीं दिया, जिससे वह काफी परेशान था। इसके बाद उसने उक्त कदम उठाया। बिजली कर्मचारियों ने सोमवार को फुटबाल चौक पर जाम कर नारेबाजी की। एक टीम ने गांव वड़िंग में भी प्रदर्शन किया।
इसके बाद पुलिस ने भाजपा नेता राजन अंगुराल और उसके तीन साथियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। एडीसीपी रविंदर पाल सिंह संधू ने केस दर्ज होने की पुष्टि की है। यूनियन के सर्किल प्रधान अश्वनी कुमार, डिवीजनल प्रधान प्रेम कुमार, इंप्लाइज फेडरेशन के जगजीत सिंह, जेई गुलशन कुमार ने मांग की है कि भाजपा नेता राजन अंगुराल व उसके साथियों को गिरफ्तार किया जाए।
लाइनमैन रामशंकर के बेटे रणजीत ने कहा कि राजन अंगुराल ने उनके पिता के साथ मारपीट की थी। उसके पिता को नंगा कर पीटा गया था। इसके बाद वह तनाव में थे। रणजीत ने बताया कि उन्हें पिम्स अस्पताल में दाखिल करवाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। रणजीत के अनुसार उसके पिता ने वहां के डॉ. सुनील को बताया था कि उन्होंने चूहे मार दवाई खा ली थी, जिससे उनको उलटियां व दस्त लग गए। एसीपी सेंट्रल दलबीर सिंह बुट्टर के मुताबिक डॉ. सुनील ने उनको यह बात बताई है कि रामशंकर ने चूहे मार दवा खाई थी।
राजन अंगुराल ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि 11 जून की रात को लाइनमैन ने शराब पीकर हंगामा किया था। उन्होंने मात्र उसे हंगामा करने से रोका था। इस बारे में बिजली कर्मचारी ने खुद लिखित में माफी भी मांगी थी। इसके चार दिन के बाद बीमार होने पर उसकी मौत हुई है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक फायदा उठाने और उन्हें ब्लैकमेल करने के लिए उन पर हत्या का आरोप लगाया जा रहा है। वह पुलिस को हर हर तरह की जांच में सहयोग करने को तैयार है।