पंजाब पुलिस में नौकरी दिलवाने और पंजाब पुलिस के अधिकारियों को तरक्की दिलवाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी के आरोपी अमनदीप स्कोडा से पुलिस पांच दिन के रिमांड में रुपयों की बरामदगी नहीं कर पाई है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक स्कोडा ने पुलिस के अधिकारियों को जांच पड़ताल में स्वीकार किया कि लोगों से ठगी मारी है और पंजाब पुलिस में नौकरी दिलवाने के नाम पर कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को पैसे दिए हैं, लेकिन अब उसके पास कोई धनराशि नहीं है। स्कोडा का दो अप्रैल को पुलिस रिमांड खत्म होने पर पुलिस उसे अदालत में पेश कर और रिमांड मांग सकती है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार स्कोडा के खिलाफ पुलिस के पास बहुत से लोगों की ठगी मारने की शिकायतें आने लगी हैं। स्कोडा को अन्य जिलों की पुलिस भी रिमांड पर ले जाने को तैयार है, क्योंकि स्कोडा ने कई जिलों में बहुत से लोगों से ठगी मारी है। जानकारों का कहना है कि स्कोडा ने पंजाब पुलिस के अधिकारियों व मुलाजिमों से सबसे अधिक ठगी मारी है। कई पुलिस अधिकारी तरक्की लेने के लिए स्कोडा को पैसे दे चुके हैं, स्कोडा कई अधिकारियों को तो तरक्की दिलवा चुका है और कई को नहीं। पुलिस स्कोडा से रुपयों की बरामदगी करने में जुटी है।
उधर, शिकायतकर्ता सरपंच बलदेव सिंह ने बताया कि स्कोडा ने 11 लड़कों को पंजाब पुलिस में नौकरी दिलवाने के लिए एक करोड़ बीस लाख रुपये लिए थे। स्कोडा ने एक डीजीपी रैंक के अधिकारी का नाम लेकर उनसे पैसे लिए थे कि युवकों को पंजाब पुलिस में नौकरी दिलवा देगा, लेकिन नौकरी नहीं दिलवाई। इस बाबत कई पुलिस अधिकारियों को शिकायत दी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। सिंह ने बताया कि इस बाबत जनवरी 2015 को उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल को मिले थे, तब सुखबीर ने कहा था कि स्कोडा तो बहुत बड़ा ठग है। सुखबीर ने पुलिस के अधिकारियों को इस पर कार्रवाई करने के आदेश दिए थे।
सिंह ने बताया कि स्कोडा नवंबर 2014 में ठगी मारने के आरोप में जेल में बंद था उसके बाद जुलाई में रिहा हुआ तो उसने एक डीजीपी का रिश्तेदार बताकर लोगों से ठगी मारना शुरू कर दिया। दूसरी तरफ पुलिस का कोई भी अधिकारी स्कोडा के बारे में कुछ भी बताने को तैयार नहीं है।