जालंधर के पूर्व सांसद मोहिंदर सिंह केपी के बेटे रिची केपी की मौत मामले में 10 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। पुलिस मुख्य आरोपी को अभी तक पकड़ नहीं पाई है। जांच में सामने आया कि आरोपी प्रिंस पहले हरियाणा के अंबाला गया था। जहां से वह दिल्ली भाग गया। रविवार को पंजाब पुलिस की टीम ने दिल्ली में छापेमारी की है। लेकिन आरोपी वहां से भी कहीं भाग चुका था। पुलिस ने जीटीबी नगर के रहने वाले शान इंटरप्राइजेज के मालिक गुरशरण सिंह प्रिंस के दो रिश्तेदारों को गिरफ्तार किया जो आरोपी को अंबाला छोड़ने गए थे। उनसे पूछताछ में यही पता चला कि गुरप्रीत सिंह और तरणजीत सिंह दोनों ही आरोपी प्रिंस को अंबाला छोड़कर आए थे।
पुलिस का कहना है कि ये दोनों आरोपी प्रिंस की मदद कर रहे थे और रिची केपी की मौत से संबंधित साजिश में उनका नाम सामने आया। दोनों मददगार आरोपियों को थाने से जमानत दे दी गई है, लेकिन जब पुलिस को दिल्ली में स्थित प्रिंस के ससुराल के बारे में पता चला तो पुलिस टीमों ने वहां पर छापेमारी की। लेकिन वह हाथ नहीं आया।
13 सितंबर की रात मॉडल टाउन इलाके में एक्सीडेंट हुआ था। रिची केपी अपनी फॉर्च्यूनर कार में सवार था, तभी प्रिंस की क्रेटा कार ने उनकी कार को टक्कर मार दी। इस टक्कर में रिची केपी की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच शुरू की। एडीसीपी हरमिंदर गिल का कहना है कि आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।