विधायक ने धमकी मिलने पर फेसबुक पर लाइव होकर कहा कि मैं किसी से डरने वाला नहीं हूं। कॉल दो माह पहले आई थी। यह उनके राजनीतिक विरोधियों की चाल भी हो सकती है, पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है और कॉल डिटेल खंगालने में जुटी है।
लॉरेंस बिश्नोई की डीपी लगे एक फोन नंबर से जालंधर वेस्ट के विधायक शीतल अंगुराल को जान से मारने की धमकी मिली है, हालांकि किसी तरह की फिरौती नहीं मांगी गई। इसके बाद बुधवार दोपहर फेसबुक पर लाइव होकर विधायक ने कहा कि मैं किसी से डरने वाला नहीं हूं।
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उन्हें यह कॉल दो महीने पहले आई थी और हो सकता है यह उनके राजनीतिक विरोधियों की कोई चाल हो। वहीं दूसरी तरफ पुलिस ने सतर्कता बरतते हुए विधायक की सिक्योरिटी बढ़ा दी है और जिन नंबर से जान से मारने की धमकी मिली थी उसकी जांच शुरु कर दी है।
लाइव के दौरान विधायक ने कहा कि पार्टी प्रवक्ता होने के नाते वह कई मौकों पर गैंगस्टरों के विरुद्ध बोलते रहे हैं और आगे भी बोलेंगे, वह किसी से डरने वाले नहीं हैं। विधायक ने कहा, जिन लोगों ने भी यह काम किया है, वे जल्द सलाखों के पीछे होंगे।
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विवादों में रहने वाले विधायक के पुराने मामले खंगाले जा रहे हैं, क्योंकि धमकी परिवार सहित जान से मारने की है कोई पैसे की मांग नहीं की गई। कई मामलों में शीतल अंगुराल को पहले भी धमकियां मिलती रही हैं। ऐसे में पुलिस पुराने विवादों को भी खंगाल रही है।
इससे पहले पूर्व विधायक केडी भंडारी सहित जालंधर के कई प्रतिष्ठित लोगों को गैंगस्टर लॉरेंस और गोल्डी बराड़ के नाम पर धमकी देकर पैसे मांगने की कॉल आई थी लेकिन विधायक शीतल अंगुराल के मामले में ऐसा नहीं है। अब पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि जिस नंबर से अंगुराल को धमकी मिली है, क्या उसी नंबर से किसी बड़े नेता या उद्योगपति को भी धमकी मिली है।
वहीं यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि यह किसी की शरारत तो नहीं। पुलिस कमिश्नर गुरशरण सिंह संधू ने मामले की जांच डीसीपी जसकिरणजीत सिंह तेजा को सौंपी है। इसके बाद जिस नंबर से शीतल अंगुराल को धमकी मिली है, पुलिस ने उस नंबर को साइबर सेल को सौंप दिया गया है। पुलिस पता लगा रही है कि इस नंबर से कॉल विदेश से आई है या शहर से ही आपरेट किया गया है। पूर्व विधायक केडी भंडारी के मामले में भी पुलिस ने इसी तरह मामला ट्रेस किया था और आरोपी पंजाब का निकला था।