भले ही पंजाब सरकार प्रदेश से नशे को जड़ से खत्म करने के लिए भरपूर कोशिश कर रही है। बावजूद पंजाब में नशे का कारोबार बंद नहीं हो रहा है। नशा आम लोगों के साथ साथ अब खिलाड़ियों की जिंदगी भी लील रहा है। ऐसा ही एक मामला जालंधर के गांव महतपुर के उदोवाल में सामने आया है, जहां पर एक युवा कबड्डी खिलाड़ी की नशे की ओवरडोज से मौत हो गई। कबड्डी खिलाड़ी की पहचान वंश के रूप में हुई है।
परिवार ने बिना पोस्टमार्टम करवाए ही मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया। मौत की वजह सामने तो नहीं आ सकी, लेकिन गांव वालों का कहना है कि युवक की मौत नशे के ओवरडोज से ही हुई है। गांव के सरपंच ने भी इस मौत के पीछे नशे के ओवरडोज की आशंका जताई है।
गांव के सरपंच ने कहा कि गांव में नशा इतना हो चुका है कि 21 दिन में यह दूसरी मौत हो गई है। मौत की सूचना पुलिस को दे गई। इसके अलावा गांव उदोवाल के पंच मनप्रीत सिंह का कहना है कि वंश अच्छा खिलाड़ी था। उसने कई कबड्डी टूर्नामेंट में स्कूल को रिप्रेजेंट किया था, लेकिन ड्रग्स ने उसे अपनी गिरफ्त में ले लिया। यह ड्रग्स से मौत का पहला मामला नहीं है। इससे पहले 17 फरवरी को भी उसके पड़ोसी जसदीप सिंह जस्सा की संदिग्ध ओवरडोज से मौत हो गई थी, जिसकी शिकायत उन्होंने पुलिस को दी थी।
वंश ने 2 साल पहले 12वीं पास की थी। वह स्कूल लेवल से ही कबड्डी खेलता था और कई टूर्नामेंट खेल चुका था। वह अपने गांव उदोवाल से साथ लगते गांव बालोकी खेड़ा रोड में गया था, जहां से उसकी लाश मिली। शव देख और पहचान कर राहगीरों ने गांव उदोवाल के सरपंच व पारिवारिक सदस्यों को सूचना दी।
मृतक के परिवार में उसके माता-पिता, छोटा भाई और एक बहन है। परिवार ने वंश की मौत की शिकायत पुलिस को नहीं दी और उसका अंतिम संस्कार कर दिया। उधर वंश की मौत पर पुलिस का कहना है परिवार ने पोस्टमार्टम करवाए बिना संस्कार कर दिया, इससे अभी यह नहीं कहा जा सकता कि मौत कैसे हुई है। पुलिस मौत के कारणों की जांच कर रही है।