जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने भार्गो कैंप में विजय ज्वेलर्स की दुकान में दिनदहाड़े डकैती की वारदात का खुलासा करते हुए तीन मुख्य आरोपियों और एक पनाह देने वाले को राजस्थान से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों को अजमेर (राजस्थान) के ब्रह्मा मंदिर, पुष्कर के पास से पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपियों में करण उर्फ करण बच्चा, कुशल उर्फ रिंकू और गगन निवासी तीनों भार्गव कैंप जालंधर के रूप में हुई। वहीं चौथा आरोपी गौरव निवासी हाथी बाटा, जिला अजमेर (राजस्थान) के तौर पर हुई है। गौरव ने तीनों को पनाह दी थी।
पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर ने बताया कि शिकायतकर्ता अजय कुमार पुत्र विजय कुमार निवासी अवतार नगर ने 30 अक्तूबर को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि तीन अज्ञात हथियारबंद लुटेरों ने सुबह करीब 10 बजे उसकी सुनार की दुकान में घुसकर लूटपाट की। घटना की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी मनप्रीत सिंह ढिल्लों की अगुवाई में एक विशेष पुलिस टीम गठित की गई, जिसमें सीआईए स्टाफ, क्राइम ब्रांच और थाना भार्गो कैंप की टीमें शामिल थीं। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पता लगाया कि आरोपी वारदात के बाद राजस्थान भाग गए थे।
जांच में सामने आया कि आरोपियों को गौरव निवासी अजमेर ने शरण दी थी। इसके बाद पुलिस ने सभी चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी करण, कुशल और गगन के खिलाफ पहले भी हत्या के प्रयास, एनडीपीएस एक्ट, और लूटपाट के कई मामले दर्ज हैं। पुलिस अब आरोपियों से आगे की पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि डकैती में इस्तेमाल हथियार और लूटी गई ज्वेलरी कहां छिपाई गई है। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि लूट में दुकानदार ने सोने के सेट लिखवाए हैं लेकिन उनकी कीमत कितनी है यह नहीं पता। वहीं आरोपी हथियार कहां से लेकर आए थे इसको लेकर भी पूछताछ की जाएगी।
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।