थाना कोट ईसेखां में जिला फूड सेफ्टी अफसर के खिलाफ सीबीआई की शिकायत पर केस दर्ज किया गया है। आरोपी जिला फूड सेफ्टी अफसर एक कांग्रेस नेता के खिलाफ दर्ज केस की पूछताछ करने करने के लिए थाने गया था। आरोपी पर सीबीआई का अधिकारी बताकर पुलिस को डराने और गुमराह करने का आरोप है।
थाना कोट ईसेखां के एडिशनल प्रमुख लखविंदर सिंह ने बताया कि मोगा जिला फूड सेफ्टी अफसर अभिनव कुमार के खिलाफ सीबीआई इंस्पेक्टर वीना गेरा एससीबी चंडीगढ़ की शिकायत पर केस दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि आरोपी जिला फूड सेफ्टी अफसर बीती 23 जुलाई को थाना कोट ईसेखां आया था। आरोपी ने एएसआई जसविंदर सिंह को खुद को सीबीआई का अधिकारी बताया।
उसके पास से थाना कोट ईसेखां में 24 मार्च 2014 को फूड सेफ्टी एंड स्टैंडडर्स एक्ट 2006 व अन्य धाराओं के अंतर्गत कुलवीर सिंह पर दर्ज केस जिसकी जांच हाईकोर्ट ने सीबीआई को सौंपी गई है, इस संबंधित पड़ताल करने आया था। उसने पुलिस को डराया कि यह केस विभाग के खिलाफ जा रहा है।
पुलिस ने आरोपी अभिनव कुमार की इस पूछ पड़ताल संबंधित सीबीआई को पत्र लिखा। इस दौरान फूड सेफ्टी एंड स्टैंडडर्स एक्ट के अंतर्गत दर्ज केस की जांच के लिए सीबीआई अधिकारी यहां आए। इसके बाद आरोपी जिला फूड सेफ्टी अफसर अभिनव कुमार भी वहां आ गया। उसे एएसआई जसविंदर सिंह ने पहचान लिया। सीबीआई अधिकारियों को आरोपी की सीबीआई अधिकारी बनकर पूछ पड़ताल करने बारे जानकारी दी। इस पर सीबीआई इंस्पेक्टर वीना गेरा की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
साल 2014 में लोकसभा चुनाव के दौरान थाना कोट ईसेखां पुलिस ने इस क्षेत्र के कांग्रेसी नेता एवं गांव लौगींविंड के सरपंच कुलवीर सिंह को नकली दूध के कारोबार के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने मौके पर दो कैंटर में से 24 हजार लीटर नकली दूध, 10 किलो नकली देसी घी, 7 किलो डालडा घी, 15 किलो साल्ट, 50 किलो पाउडर और 20 किलो चीनी बरामद करने का दावा किया था।
इस मौके पर आरोपी जिला फूड सेफ्टी अफसर अभिनव कुमार ने इस नकली दूध के नमूने हासिल कर जांच के लिए भेजे थे। कांग्रेस नेता ने अदालत में दी अर्जी में दावा किया था कि वह खेती विकास बैंक धर्मकोट के चुनाव लड़ना चाहता था। उसेे राजनीतिक रंजिश के तहत झूठा फंसाया गया है। कांग्रेस नेता की पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दायर रिट याचिका पर स्थानभ्रू चीफ जुडिशियल मैजिस्ट्रेट की जांच और तथ्यों को पढ़ने बाद यह केस सीबीआई के हवाले कर दिया था।