जालंधर सिटी रेलवे स्टेशन के मुख्य गेट के ठीक सामने सर्कुलेटिंग एरिया में कोई लाल रंग के सूटकेस में शव रखकर फरार हो गया। यह वाकया डीजीपी पंजाब गौरव यादव के आगमन और जीआरपी जालंधर पटियाला रेंज के डीएसपी के आधिकारिक दौरे से ठीक पहले सामने आया। जानकारी के मुताबिक पहली नजर में यह किसी यात्री का सामान लगा लेकिन जब राजू पासवान जो स्टेशन के पास ही कबाड़ी का काम करता है, उसने सर्कुलेटिंग एरिया में लावारिस बैग पड़ा होने की सूचना सात बजे जीआरपी को दी तो 10 मिनट बाद जीआरपी की टीम वहां पहुंची और बैग उठाया तो भारी लगा।
इसके बाद मौके पर ही फॉरेंसिक एक्सपर्ट टीम और डॉग स्क्वॉयड की टीमें ने पहुंचकर जांच शुरू की। जब बैग का ताला खोलकर देखा तो उसमें एक युवक का शव निकला। उम्र करीब 30-32 साल है, जांच शुरू की तो पाया कि उसके आंख के ऊपर चोट का निशान था और होंठों में सूजन थी। शरीर अकड़ा हुआ था। पुलिस कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद सीधा किया। शव मिलने के बाद सिटी स्टेशन पर पुलिस ही पुलिस दिखी।
पूरी घटना की फॉरेंसिक जांच के बाद जीआरपी जालंधर प्रभारी अशोक कुमार ने कहा कि युवक के शव की पहचान के लिए 72 घंटे सिविल अस्पताल में रखवा दिया है। मौत के कारणों का पता नहीं चला है लेकिन जांच के लिए जालंधर पुलिस की मदद ली गई है। जिसमें सीआईए-1 और सीआईए-2 से केस की डिटेल शेयर करते हुए पहले युवक की पहचान के साथ सीसीटीवी फुटेज में लाल रंग का सूटकेस लाते दिख रहे व्यक्ति की धुंधली तस्वीर का किस्सा सुलझाने में जुट गए हैं। सीसीटीवी में सूटकेस लाते दिख रहा व्यक्ति करीब पौने सात बजे आया और सात बजे पुलिस को सूचना मिल गई, स्टेशन पर इतनी भीड़ के बावजूद किसी ने व्यक्ति को बैग रखते नहीं देखा।
स्टेशन पर पुलिस को देख बाहर ही बैग छोड़कर भाग गया
थाना जीआरपी के प्रभारी अशोक कुमार ने बताया कि सुबह-सुबह शव को ठिकाने के लिए बैग में पैक कर स्टेशन लाया गया। जब उसने मेन गेट पर पुलिस को देखा और बड़ी संख्या में यात्रियों को अपनी ओर आते देखा तो बैग वहीं छोड़कर भाग गया। कैमरे से पता चलता है कि आरोपी रेलवे रोड से आया होगा। इसके बाद रेलवे रोड पर दुकानों में लगे कैमरे भी खंगाले जा रहे हैं।
स्टेशन पर सूटकेस में डालकर शव लाने के दो कारण हो सकते हैं, एक शव की पहचान छिपाने के लिए ट्रेन में छोड़ना या ट्रेन हादसा बनाने के लिए शव को लाया गया होगा, जिसे रास्ते में फेंकने की योजना हो सकती है।