स्पेशल टास्क फोर्स ने ऑपरेशन चलाकर गोरू बच्चा गैंग के सात गैंगस्टरों को काबू किया है। आरोपी नाजायज वसूली, जमीनों पर कब्जा करवाना, सुपारी लेकर हाथ पैर तोड़ने का काम करते थे। गैंगस्टरों ने जालंधर, कपूरथला और आसपास के इलाकों में खौफ पैदा कर रखा था।
एआईजी एसटीएफ हरकंवलप्रीत सिंह खख ने बताया कि स्टाफ को गुप्त सूचना मिली थी कि गोरू बच्चा गैंग के सदस्य नाड़ावाली निझ्झरां गांव से लांबड़ा की ओर आ रहे हैं। वह किसी वारदात को अंजाम देने वाले हैं। इस सूचना के बाद एसटीएफ के इंस्पेक्टर इंदरजीत सिंह और शिव कुमार की अलग-अलग टीमों ने आपरेशन चलाया। उन्होंने आई-20 व मारुति कार में सवार सात गैंगस्टरों को काबू कर लिया।
उनकी पहचान गुरदीप सिंह उर्फ भिंदा निवासी अजतानी नूरमहल, जसवंत सिंह जस्सा निवासी जानियां लोहियां, संदीप कुमार लाला निवासी गड़ा फिल्लौर, कुलदीप सिंह निवासी कपूरथला, मुकुल निवासी बड़ा पिंड गोराया, मंदीप कुमार निवासी कपूरथला और राकेश कुमार केशी निवासी महितपुर के तौर पर हुई है।
एसटीएफ के एआईजी हरकंवलप्रीत सिंह के मुताबिक आरोपियों के पास से 4 पिस्टल 32 बोर, 9 कारतूस, एक पिस्टल, 12 बोर के कारतूस, 12 बोर की एक राइफल, 315 बोर की एक राइफल, एक किरपाण, 600 ग्राम हेरोइन और आठ लाख की नगदी बरामद की गई है। पूछताछ में पता चला कि जस्सा का पहले महितपुर के जीता गैंग के साथ काफी गहरा कनेक्शन था, लेकिन जीता कुछ समय पहले पुलिस की सक्रियता की वजह से फरार हो गया।
उसके बाद जस्सा ने भिंदा अजतानी की शरण लेकर नया गैंग तैयार कर लिया था। एआईजी खख के मुताबिक गैंगस्टरों का कनेक्शन केंद्रीय जेल में पाया गया है। वहां पर ड्रग सप्लाई कई तस्करों के साथ संबंध है। अभी यह जांच की जा रही है कि आठ लाख की राशि जस्सा के पास कैसे और कहां से आई थी। इस बात की जांच चल रही है कि कहीं यह ड्रग मनी तो नहीं है।
खख के मुताबिक अवैध हथियारों को हरियाणा से खरीदा जाता था। पुलिस को हथियारों के सौदागर का नाम मिल चुका है और उसको गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। तीन गैंगस्टरों भिंदा, केशी और जस्सा के खिलाफ 20 आपराधिक मामले दर्ज हैं।