गांव चक्क कलां में शनिवार देर रात को एक किसान के घर पर फायरिंग कर 12 बोर की राइफल लूटने वाले दोनों लुटेरों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों लुटेरों ने इस वारदात के बाद गांव में ही रहने वाले एक किसान के 10 साल के बेटे के अपहरण की योजना बना रखी थी। वह उससे 10 लाख रुपये फिरौती वसूलने की तैयारी कर रहे थे। पुलिस ने दोनों लुटेरों को काबू कर लूटी गई राइफल के अलावा नशीला पाउडर बरामद किया है।
एसपी (डी) परमिंदर भंडाल के मुताबिक गांव चक्क कलां के किसान परमजीत सिंह उर्फ पम्मा के घर पर शनिवार रात लगभग साढ़े तीन बजे अज्ञात लुटेरे घुस आए। उस समय 60 साल का परमजीत घर पर अकेला था और लुटेरों ने बंद कमरे में पड़ी उसकी 12 बोर की राइफल उठा ली। फिर जिस कमरे में परमजीत सो रहा था उसका शीशा तोड़ कर परमजीत पर फायर किए। शीशे टूटने की आवाज से नींद से जागे परमजीत ने अपनी रिवाल्वर से लुटेरों पर जवाबी फायर किए तो वह भाग निकले।
एसपी भंडाल ने बताया कि इस केस की जांच को लेकर कई टीमें काम कर रही थी। इसके लिए कई स्थानों पर छापामारी और नाकेबंदी की गई। इस दौरान पुलिस की एक टीम ने नूरमहल रेलवे क्रासिंग के पास से आरोपी शशांक और राजगीर को काबू कर उनके पास से लूटी गई राइफल बरामद कर ली है।
एसपी भंडाल के मुताबिक राजगीर पहले गांव चक्क कलां में काम करता था और उसको पता था कि परमजीत के पास लाइसेंसी हथियार है। उन्होंने बताया कि राजगीर की शशांक के साथ अच्छी पहचान थी, जो अपराधी प्रवृति का इंसान है। राजगीर ने शशांक के साथ बात की तो फाइनल हुआ कि पहले परमजीत के घर से हथियार और पैसा लूटा जाए।
उसके बाद उन्होंने गांव के एक किसान के 10 साल के बेटे को भी किडनैप कर 10 लाख की फिरौती वसूलने की योजना बनाई थी। एसपी भंडाल के मुताबिक शशांक पर एक लाख कर्ज था, इसको चुकाने के लिए उन्होंने किसान के बेटे के अपहरण करने की योजना बनाई थी।