ठेकेदारों ने करोड़ों एडवांस लेकर छोड़ा काम, बिना सफाई के दौड़ रहीं ट्रेेनें
-इस घोटाले की जांच विजिलेंस कर रही, अब रेलवे सीबीआई को मामला सौंपने को तैयार
शिकायत के बावजूद भी यात्रियों को नहीं मिल रही निजात
-ट्रेनों की सफाई के लिए जल्द किया जाएगा नया ठेका : एडीआरएम
अमर उजाला ब्यूरो
फिरोजपुर। रेल डिवीजन फिरोजपुर में ट्रेनों की सफाई के नाम पर वाशिंग लाइन में करोड़ों रुपये की घपलेबाजी हुई है। मामले की जांच कर रही रेलवे विजिलेंस घोटाले का दायरा बढ़ने पर जांच सीबीआई को हैंडओवर करने की तैयारी कर रही है। चार महीने से वाशिंग लाइन से बिना सही तरीके से सफाई व पानी के निकली रेलगाड़ियां गंतव्य को रवाना हो रही हैं, रेल अधिकारी यात्रियों की सुविधा के लिए जल्द ही वाशिंग लाइनों में रेलगाड़ियों की सफाई के लिए टेंडर जारी होने की बात कह रहे हैं।
ट्रेनों की सीटों के नीचे कूड़ा और गंदे ट्वॉयलेट से यात्री परेशान हैं। रेल यात्रियों द्वारा रेलवे अधिकारियों को फोन, मैसेज, ट्विटर, मेल व लिखित में गंदगी की शिकायतें की जा रही है, फिर भी यात्रियों को गंदगी से निजात नहीं मिल पा रही है। रेल अधिकारी चाह कर भी यात्रियों की सफाई की समस्या को दूर नहीं कर पा रहे है। सफाई की समस्या सामान्य कोचों के साथ एसी कोचों में भी है।
रेलवे सूत्रों के अनुसार, फिरोजपुर, कटरा व दो अन्य रेलवे स्टेशनों के वाशिंग लाइन के ठेकेदार समय से पहले ही अपना काम छोड़ चुके हैं। इन ठेकेदारों ने रेलवे अधिकारियों की मिलीभगत से एडवांस में ही करोड़ों रुपये हड़प लिए है। रेलवे द्वारा वाशिंग लाइन में रेलगमाड़ियों की सफाई के लिए ठेकेदारों को चार साल का ठेका दिया गया था, फिरोजपुर वाशिंग लाइन का ठेका दो करोड़ रुपये का था, जबकि कटरा व दो अन्य बड़े स्टेशनों का ठेका 12 करोड़ रुपये का था। एडवांस में पैसे ले लिए जाने के बाद भी काम छोड़ दिए जाने से रेलगाड़ियों की यह दुर्दशा हुई है। फिलहाल इस मामले की जांच विजिलेंस कर रही है। अब रेलवे इसकी जांच सीबीआई को सौंपने की तैयारी में है।
10 कर्मियों से विजिलेंस ने की है पूछताछ
वाशिंग लाइन में सफाई के नाम पर हुए करोड़ों रुपये के खेल के मामले में फिरोजपुर मंडल रेलवे के तीन वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले हो चुके हैं। इसके अलावा मामले की जांच कर रही विजिलेंस ने अब तक 10 रेल अधिकारियों से पूछताछ कर चुकी है। यह मामला फिरोजपुर से लेकर कटरा तक फैला है। इसमें करीब 15 करोड़ रुपये का घपला होने की संभावना है। इस कारण इस मामले को रेलवे के उच्च अधिकारी अब सीबीआई को देने की तैयारी में हैं।
जांच उच्च स्तर प चल रही है : एडीआरएम
फिरोजपुर मंडल रेलवे के एडीआरएम एनके वर्मा ने बताया कि वाशिंग लाइन में रेलगाड़ियों की सफाई के नाम पर ठेकेदारों द्वारा की गई गड़बड़ियों की जांच उच्च स्तर पर चल रही है। अनियमितता कितनी है और इसके दायरे में कौन-कौन हैं इस बारे में वह कुछ नहीं कह सकते। उन्होंने कहा कि यात्रियों को ट्रेनों में गंदगी के नाम पर आ रही समस्याओं को दूर करने की कोशिश की जा रही है। जल्द ही उन सभी रेलवे स्टेशनों की नई पॉलिसी के तहत टेंडर जारी किए जा रहे हैं, जहां पर काम प्रभावित हुआ है।