जेल का हेडकांस्टेबल पगड़ी में छुपाकर नशे की खेप लाता गिरफ्तार
260 नशीली गोलियां, दो बंद और एक खुला तंबाकू का पैकेट बरामद
नशीली गोलियां पगड़ी और तंबाकू छुपा रखा था बूटों में
कपूरथला। एक बार फिर माडर्न जेल में नशे के नेटवर्क का खुलासा हुआ है। इस बार जेल का हेड कांस्टेबल भारी मात्रा में नशे की खेप अंदर ले जाता जामा तलाशी के दौरान धरा गया है। आरोपी हेड कांस्टेबल ने 260 नशीली गोलियां पगड़ी, दो बंद व एक खुला तंबाकू का छोटा पैकेट बूटों के अंदर छुपा रखा था। यह नशे की खेप वह जेल के अंदर बंद एक कैदी को पहुंचाने के लिए लाया था। लेकिन इससे पहले ही जेल प्रशासन के हत्थे चढ़ गया। थाना कोतवाली में आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस और जेल मैनुअल एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपी को जेआईएमसी की अदालत में पेश करके जेल भेज दिया है। सहायक सुपरिंटेंडेंट माडर्न जेल कपूरथला सुशील कुमार ने बताया कि छह सितंबर को रात 12 बजे से सुबह 06 जब तक हेड कांस्टेबल जिंदर कुमार की ड्यूटी जेल की सुरक्षा वार्ड नं.2 में थी। जेल के अंदर अपनी ड्यूटी पर जाने के लिए वह अन्य कर्मचारियों के साथ जेल की ड्योढ़ी में दाखिल हुुआ। जहां पर कर्मचारियों की रुटीन चेकिंग के दौरान जिंदर कुमार की जामा तलाशी ली गई तो उसकी पगड़ी में से छुपा कर रखी 260 नशीली गोलियां बरामद हुई। बाद में उसके पहने हुए बूटों को उतरवाया गया तो उसमें से दो बंद और एक खुला हुआ तंबाकू का छोटा पैकेट बरामद हुआ। इस पर जेल प्रशासन ने उसे तुरंत दबोच लिया और थाना कोतवाली की पुलिस को सूचित किया। थाना कोतवाली के जांच अधिकारी एएसआई अवतार सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस और जेल मैनुअल एक्ट के तहत केस दर्ज करके गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे जेआईएमसी पूनम कश्यप की अदालत में पेश करके जेल भेज दिया गया है। एआईजी-कम-एसपी जेल सुरिंदरपाल खन्ना ने बताया कि आरोपी हेड कांस्टेबल करीब छह माह पहले ही पीएपी की 80 बटालियन से स्थानांतरण होकर जेल में आया था। यह नशे की खेप में जेल के अंदर बंद कैदी राजकुमार उर्फ काला को पहुंचाने के लिए लाया था। लेकिन उससे पहले ही जेल प्रशासन ने उसे दबोच लिया।
गिरफ्तारी से जेल में मोबाइल व नशे के नेटवर्क का खुलासा
अब कैदियों की तरह जेल स्टाफ की चेकिंग पीटर एंड टॉमी करेंगे : एआईजी जेल
इस साल में नशे की खेप के साथ पकड़े जेल स्टाफ की चौथी घटना
महेश कुमार
कपूरथला। भारी मात्रा में नशे की खेप जेल के अंदर ले जाते दबोचे गए हेड कांस्टेबल की घटना ने जेल में मोबाइल के माध्यम से नशे के नेटवर्क को चलाने का खुलासा कर दिया है। इस साल में जेल के अंदर नशे की आपूर्ति करवाने में जेल स्टाफ के कर्मचारियों के पकड़े जाने की चौथी घटना है। वहीं जिस कैदी को यह खेल पहुंचाई जानी थी, उसने ही जेल के अंदर से अपने बाहर बैठे किसी जानकार को एचसी को नशे की खेप देने का नाम सुझाया था। इससे साफ जाहिर होता है कि कहीं न कहीं माडर्न जेल में कैदियों व जेल स्टाफ की कुछ काली भेड़ों की मिलीभगत से नशीला कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। क्योंकि आए दिन जेल में मोबाइल की बरामदगी इस मामले को पुख्ता कर रही है कि गैंगस्टर और नशे के सौदागर जेल के अंदर से बैठक कर ही अपना पूरा कारोबारा चला रहे हैं। थाना कोतवाली के जांच अधिकारी एएसआई अवतार सिंह ने बताय कि पुलिस पूछताछ में पता चला है कि एक कैदी जो पहले जेल में बंद था, इन दिनों सजा भुगतने के बाद बाहर चला गया। जोकि जेल में बंद कैदी राजकुमार उर्फ काला का जानकार था। काला ने ही जेल के अंदर से ही उसे नशे की खेप एचसी जिंदर कुमार को देने के लिए कहा था। उसी खेप को जिंदर कुमार छुपाकर अंदर राजकुमार को देने के लिए ले जा रहा था। वहीं एआईजी-कम-एसपी जेल सुरिंदर पाल खन्ना ने माना कि इस साल में जेल स्टाफ की ओर से नशे को छुपाकर अंदर लाने की यह चौथी घटना है। लेकिन इस बार नशे की खेप काफी ज्यादा है। जेल की ऐसेे काली भेड़ों को पकड़ने के लिए रुटीन चेकिंग के साथ-साथ कैदियों की तरह जेल स्टाफ कर्मियों की तलाशी डॉग स्कवायड में शामिल पीटर एंड टॉमी भी करेंगे। अब सवाल यह उठता है कि जेल स्टाफ की सख्ती के बावजूद अंदर मोबाइल व नशे की आपूर्ति चल रही है। बेशक एसपी जेल ऐसा नहीं मानते हैं। वह तो इन बरामदगी को जेल प्रशासन की उपलब्धि बता रहे हैं।