युवा ब्रिगेड ने बंद करवाई लाटरी की अवैध छह दुकानें
-युवाओं ने खुद की छापेमारी, सोशल मीडिया पर वीडियो की वायरल
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। स्थानीय डीएवी कालेज के निकट चल रहे अवैध लाटरी के कारोबार पर युवाओं ने एक टीम गठित कर छापेमारी की और लाटरी की छह दुकानों को बंद करवाया। यह गोरखधंधा काफी समय से पुलिस की मिलीभगत से चल रहा था और पुलिस की नाकेबंदी निकट ही होने के बावजूद इन अवैध दुकानों पर छापेमारी नहीं की जाती थी। युवाओं की टीम ने खुद दुकानों पर दबिश की और बाकायदा इसकी वीडियो तैयार कर सोशल मीडिया पर अपलोड भी की।
युवाओं में लक्की, दीपा, अमरजीत, गोपी, अमित पटियाल, साहिल, उदय सेठी, जतिन, सन्नी, सिमरन, सुनील और काका ने कहा कि इलाके में अधिकतर विद्यार्थी रहते हैं और लॉटरी की गलत आदत में पड़कर अपना जीवन और पैसा खराब कर रहे हैं, इसके अलावा शाम को मोहल्ले की महिलाएं भी यहां से जब गुजरती है तो लॉटरी में खड़े कई मनचले छेड़खानी करते हैं।
युवाओं का कहना है कि लोगों के घर उजड़ रहे हैं, पंजाब सरकार की लाटरी की आड़ में अवैध दुकानें खोलकर कारोबार चलाया जा रहा है। जहां पर सरकारी कंप्यूटर भी नहीं है, पर्ची पर लिखकर धंधेबाज सरकार के साथ लोगों का खून चूस रहे हैं। एक मजदूर 400 रुपये दिहाड़ी लेता है तो 300 रुपये लाटरी की दुकान पर हारकर बकाया 100 रुपये की शराब पीकर घर चला जाता है। लोग लुटते जा रहे हैं और इन दुकानों को बंद करवाने की हिम्मत किसी की नहीं है।
युवाओं का कहना है कि इन लॉटरी की दुकानों व स्टाल में कोई भी कंप्यूटर इस्तेमाल नहीं कर रहा है। इस संबंध में पुलिस से कई बार शिकायत कर चुके हैं, अब जब काफी समय बीतने के बाद भी उनके द्वारा कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने आज स्वयं बंद करवाई है। वह सभी प्रशासन से मांग करते हैं की अवैध लॉटरी की दुकान चलाने वालों पर कार्रवाई की जाए।
नाजायज काम करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे- कमिश्नर
कमिश्नर पीके सिन्हा का कहना है कि नाजायज कार्य करने वाले किसी सूरत में बख्शे नहीं जाएंगे। लाटरी की आड़ में अगर सट्टेबाजी होती है तो उसको बंद करवाया जाएगा। अधिकारियों की जिम्मेदारी फिक्स की जाएगी।