डोप टेस्ट के दौरान भिड़े लोग
असलहा लाइसेंस रिन्यू कराने के लिए डोप टेस्ट कराने पहुंचे थे धारक
पुलिस ने नशा छुड़ाओ केंद्र पहुंच माहौल किया शांत
अमर उजाला ब्यूरो
फिरोजपुर।
पंजाब सरकार की नई नीति के तहत डोप टेस्ट के बाद ही व्यक्ति का असलहा लाइसेंस रिन्यू किया जाएगा। इसीलिए वीरवार को सिविल अस्पताल के नशा छुड़वाओ केंद्र में असलहा धारकों की भीड़ जुट गई। डोप टेस्ट के लिए धक्का-मुक्की होने लगी और कई लोग आपस में भिड़ने लगे। इस कारण वहां पर माहौल खराब हो गया। मौके पर पंजाब पुलिस की कमांडो टीम ने पहुंच कर माहौल को शांत करवाया।
डोप टेस्ट करवाने आए सुरजीत सिंह, दर्शन सिंह ने बताया कि उनकी पर्ची बहुत दिन पहले कटी थी। जबकि कई व्यक्तियों की आज ही पर्ची कटी है, इसके बावजूद परेशानी उठानी पड़ रही है। एक ही डोप टेस्ट सेंटर होने के कारण लोगों की भीड़ लगी हुई है। लोग एक-दूसरे से धक्कामुक्की कर रहे हैं। डाक्टरों का कहना है कि एक व्यक्ति का डोप टेस्ट करने में लगभग बीस मिनट लगते हैं। एक दिन में कम से कम चालीस या पचास व्यक्ति का डोप टेस्ट हो सकता है।
उधर, थाना सिटी के प्रभारी का कहना है कि वीरवार को डोप टेस्ट का दिन था। लोगों की भीड़ ज्यादा हो गई। यहां पर कोई झगड़ा नहीं हुआ है और न ही किसी ने शीशे तोड़े। यहां पर माहौल खराब न हो, इसलिए पुलिस तैनात की है।
इस तरह होगा डोप टेस्ट
डोप टेस्ट में शराब व तंबाकू को छोड़कर यह देखा जाएगा कि असलहा धारक हेरोइन, स्मैक, अफीम या किसी और घातक नशीली वस्तु का सेवन तो नहीं करता है। अगर टेस्ट में शराब व तंबाकू छोड़ किसी और नशीले पदार्थ का सेवन पाया जाता है तो उसका असलहा लाइसेंस रिन्यू नहीं किया जाएगा। पंजाब सरकार ने यह नीति इसलिए लागू की है कि कई असलहा धारकों ने घातक नशे के कारण या तो खुदकुशी कर ली या फिर किसी व्यक्ति की गोली मार कर हत्या कर दी है।
फोटो संख्या-12एफजेडआरपी03
कैप्शन--फिरोजपुर सिविल अस्पताल में डोप टेस्ट के लिए आए लोग आपस में भिड़े, पुलिस ने पहुंच कर किया माहौल शांत।