श्रद्धालुओं ने दीप जलाकर नहर में छोड़े
नहर के प्रदूषित पानी में श्रद्धालुओं को करना पड़ा स्नान
कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान व पूजा करने को दरिया पर पहुंचे श्रद्धालु
अमर उजाला ब्यूरो
फिरोजपुर। कार्तिक पूर्णिमा पर सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु भारत-पाक हुसैनीवाला बार्डर की तरफ से गुजरने वाले सतलुज दरिया में स्नान करने के लिए पहुंचे। श्रद्धालुओं ने स्नान करने के बाद दीप जलाकर नहर में छोड़े। इस मौके पर श्रद्धालुओं के लिए अटूट लंगर आयोजित किया। सुबह से ही लोग दरिया के किनारे जुटना शुरू हो गए थे।
पंडित सुख दयाल पांडे ने बताया कि साल में बारह पूर्णिमाएं आती है, कार्तिक पूर्णिमा का खास महत्व होता है। इस दिन लोग बहुत दान करते हैं। गंगा में स्नान करते हैं। इसीलिए लोग कार्तिक पूर्णिमा में सतलुज दरिया पर एकत्र हुए हैं। महिलाएं नहर में स्नान कर रही थी, जबकि नहर का पानी गंदा था। क्योंकि दरिया का सारा पानी सूखा कर गेटों की मरम्मत की जा रही है। इसीलिए मजबूरन लोगों को नहर में छोड़े गए प्रदूषित पानी में ही स्नान करना पड़ा।
श्रद्धालु कारी लाल, महेश गुप्ता, राकेश अग्रवाल ने कहा कि साल में एक बार कार्तिक पूर्णिमा आती है, इस दिन जिला प्रशासन को श्रद्धालुओं की सुविधा को मद्देनजर रखते हुए प्रबंध करने चाहिए, ताकि लोग साफ पानी में स्नान कर सके। इस मौके पर श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न पकवान के लंगर लगाए हुए थे।
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कैप्शन--फिरोजपुर हुसैनीवाला बार्डर स्थित सतलुज दरिया से निकलने वाली नहर में कार्तिक पूर्णिमा पर श्रद्धालु स्नान करने के बाद दीप जलाकर नहर में छोड़ते हुए।
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कैप्शन--फिरोजपुर हुसैनीवाला बार्डर पर कार्तिक पूर्णिमा पर पाठ पूजा करते लोग।