जब बच्ची का कुछ पता नहीं चला तो पुलिस ने घरों की तलाशी शुरू की। पुलिस करीब सात बजे गुरप्रीत के घर गई तो अंदर से खून से सना हथौड़ा मिला। खून ताजा था, जिससे पुलिस मुलाजिमों का माथा ठनक गया। पुलिस ने घर की तलाशी ली तो रेत की बोरियों के नीचे बच्ची मिली। उसका सिर खून से लथपथ था।
बच्ची को इस हालत में देखकर लोगों ने गुरप्रीत को पीटना शुरू कर दिया। बच्ची का शरीर गर्म था तो उम्मीद थी कि उसकी जान बच सकती है। इस पर पिता और गांव वाले बच्ची को फगवाड़ा के सिविल अस्पताल ले गए। वहां बच्ची को मृत घोषित कर दिया गया। थाना प्रभारी के मुताबिक जांच में सामने आया है कि शनिवार दोपहर को बच्ची अपनी मां के पास ही बैठी थी।
पड़ोस में रहने वाले आरोपी गुरप्रीत उर्फ गोपी ने उसे चॉकलेट देने के लिए अपने पास बुलाया। इसके बाद से बच्ची लापता हो गई। गोपी ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और हथौड़ा मारकर उसकी हत्या कर दी। इतना ही नहीं वह गांव के लोगों और बच्ची के परिजनों के साथ मिलकर उसकी तलाश का नाटक करता रहा। पुलिस ने गोपी के खिलाफ केस दर्जकर गिरफ्तार कर लिया है। गोपी दिहाड़ी मजदूर है और अविवाहित है और नशे का आदी है।