नगर निगम के तहबाजारी विभाग का अस्थाई कब्जे हटाने का मिशन सोमवार को पूरी तरह से नाकाम साबित हुआ।
टीम अधिकारियों ने सिर्फ रिक्शा स्टैंड को गिरवाने का काम किया, वहीं बाकी कब्जाधारियों को छोड़ दिया गया।
तहबाजारी सुपरिंटेंडेंट विक्रांत वर्मा व उनकी टीम ने मंगलवार को बस स्टैंड के बाहर कार्रवाई के नाम पर सिर्फ पुराना रिक्शा यूनियन का शेड ही तोड़ा।
आसपास के खोखों पर टीम ने कोई कार्रवाई नहीं की। बताया जा रहा है कि जिस शेड को निगम की टीम ने गिराया है, उसके बारे में कोर्ट से आदेश मिले हैं।
टीम ने केवल एक शेड पर कार्रवाई की, जबकि बस स्टैंड के बाहर कई लोगों ने अस्थाई कब्जे जमा रखे हैं। इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
इन अस्थाई कब्जों की वजह से हर रोज ट्रैफिक जाम की समस्या होती है। इन कब्जों को हटाने के लिए कोई प्रयास नहीं हो रहा है। कुछ दिन पहले तहबाजारी विभाग की टीम ने जानकारी दी थी कि मंगलवार को शहर के कुछ स्थानों पर अस्थाई अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
इसके बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं होगी, लेकिन मंगलवार की कार्रवाई को देखते हुए लगता है कि यह मात्र खानापूर्ति ही थी।
कब्जाधारियों को पहले ही तहबाजारी की कार्रवाई की सूचना मिल जाती है, जिससे वह पहले ही अपने कब्जे कुछ देर के लिए उठा लेते हैं और बाद में फिर से कब्जे बरकरार कर लेते हैं।