बुधवार को सुबह जालंधर-लखनऊ श्रमिक एक्सप्रेस से घर जाने के लिए पहुंचे यात्रियों को स्टेशन पर शारीरिक दूरी का ध्यान रखते हुए बिठाया गया। स्टेशन में एंट्री से पहले उनकी मेडिकल जांच भी की गई। वहीं शाम को छह बजे गोरखपुर और रात 11 बजे अयोध्या के लिए ट्रेन चली।
डीसी वरिंदर कुमार ने कहा कि जिले में 91608 लोगों की तरफ से रजिस्ट्रेशन करवाया गया है। इतनी ज्यादा संख्या में लोगों को घर भेजना प्रशासन का यह पहला अनुभव था। कुछ कमियां रह भी गईं, जिन्हें भविष्य में सुधारा जाएगा। रेल प्रशासन से मांग है कि वह इसी तरह से हर दिन दो ट्रेनें मुहैया कराए, ताकि यात्रियों को सकुशल उनके घर व परिवार के पास पहुंचाया जा सके।
पटियाला रेलवे स्टेशन से उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के रहने वाले 1200 लोगों को विशेष रेलगाड़ी के जरिये बुधवार देर शाम रवाना किया गया। रवाना करने से पहले स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन सभी लोगों की स्क्रीनिंग की गई। साथ ही इन्हें भोजन-पानी भी मुहैया कराया गया। इस मौके पर आजमगढ़ जा रहे सभी लोगों ने सरकार का धन्यवाद किया।
वहीं, प्रशासन की ओर से सामाजिक दूरी का विशेष ध्यान रखा गया। जिसके लिए पहले से ही सारे प्रबंध किए गए थे। इस मौके पर डीसी कुमार अमित ने बताया कि यूपी के आजमगढ़ रवाना होने वाले लोगों में बड़ी संख्या में मजदूर थे। वह काफी समय से अपने घर वापस जाना चाहते थे लेकिन लॉकडाउन में यहां फंसे थे। इसके अलावा पटियाला जिले में चार नाकों के जरिये पंजाब वापस आने वालों को उनके घरों या सरकारी क्वारंटीन सेंटरों में रखा जा रहा है। इससे पहले जम्मू-कश्मीर के 500 और राजस्थान के 145 लोगों को बसों जरिये उनके घरों तक भेजा गया है।
लुधियाना से यूपी और झारखंड के लिए दो ट्रेनें रवाना
लुधियाना डिप्टी कमिश्नर प्रदीप अग्रवाल ने बताया कि कर्फ्यू लॉकडाउन के चलते पंजाब के अलग-अलग जगहों पर फंसे दूसरे राज्यों के लोगों को उनके राज्यों में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पंजाब से बुधवार को ट्रेन यूपी के बरेली और झारखंड के डाल्टनगंज को रवाना हुई। इन ट्रेनों में दो हजार से ज्यादा लोग सवार थे। उल्लेखनीय है कि बीती रात भी उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के लिए एक ट्रेन रवाना हुई थी। जिसमें 900 से ज्यादा लोग रवाना हुए।
डीसी प्रदीप अग्रवाल ने बताया कि सिर्फ उन प्रवासी लोगों को ही भेजा जा रहा है, जिन्होंने पंजाब सरकार के वेब पोर्टल पर वापस जाने के लिए अप्लाई किया है। बुधवार दोपहर तक इनकी संख्या छह लाख से ज्यादा है। इस संबंध में हर राज्य की तरफ से अपने नोडल अधिकारी लगाए गए हैं।
राज्य सरकार की मांग पर ही रेलवे चला रहा है ट्रेन: डीआरएम
फिरोजपुर मंडल रेल प्रबंधक राजेश अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार की मांग पर ही फिरोजपुर डिवीजन के विभिन्न स्टेशनों से ट्रेनें चलाई जा रही है। इन ट्रेनों में उन्हें ही बैठने की आज्ञा है, जिन्हें राज्य सरकार जाने की अनुमति देगी। कोई और व्यक्ति रेलवे स्टेशन में प्रवेश न करें। लुधियाना से बरेली (उत्तर प्रदेश) के लिए एक श्रमिक स्पेशल ट्रेन बुधवार को चलाई गई है।
यह ट्रेन लुधियाना स्टेशन से 1188 यात्रियों के साथ सुबह रवाना हुई और दूसरी ट्रेन लुधियाना से डाल्टनगंज )झारखंड) के लिए चलाई गई। यह ट्रेन लुधियाना स्टेशन से 1188 यात्रियों के साथ दोपहर में रवाना हुई। संपूर्ण व्यवस्था सुचारू ढंग से की गई थी। बोर्डिंग के समय प्रत्येक यात्री का सामाजिक दूरी का पालन एवं मास्क पहनना, कतारबद्ध तरीके से चढ़ना, प्रत्येक कोच में यात्रियों की संख्या को सीमित करना सुनिश्चित किया गया।