प्रदेश में कोरोना वायरस को लेकर सत्तापक्ष कांग्रेस पार्टी व शिअद के बीच छिड़े विवाद के बीच स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने महाराष्ट्र के नांदेड़ साहिब से आए श्रद्धालुओं में भारी तादाद में कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट होने का ठीकरा अकाली दल पर फोड़ा है। सिद्धू के अनुसार ने जिन 13 बसों पर अकाली दल ने श्रद्धालुओं को पंजाब पहुंचाया, उसमें ही ज्यादातर लोग पॉजिटिव निकले।
सरकार ने जो बसें भेजी थीं, उनमें आए श्रद्धालुओं की बाकायदा स्क्रीनिंग की गई थी। सिद्धू बुधवार को कोविड-19 डिजीज से ग्रसित मरीजों के लिए की गईं व्यवस्था की समीक्षा करने के लिए अमृतसर पहुंचे थे। उन्होंने सर्किट हाउस में सांसद गुरजीत सिंह औजला, मेयर कर्मजीत सिंह रिंटू, विधायक हरप्रताप सिंह अजनाला, डॉ राजकुमार वेरका, सुनील दत्ती, इंद्रबीर सिंह बुलारिया सहित डिप्टी कमिश्नर से बैठक कर रिपोर्ट प्राप्त की।
पत्रकारों से बातचीत में सिद्धू ने कहा कि चीन से उपजा यह वायरस पूरी दुनिया में फैल चुका है। महाराष्ट्र सरकार को पत्र लिखकर रोष स्वरूप कहा था कि अगर इन श्रद्धालुओं के विषय में हमें जानकारी पहले ही दे देते तो पंजाब से टीमें भेजकर उनका टेस्ट करवाते। जो कोरोना पॉजिटिव आते उन्हें अलग बसों में पंजाब लाया जाता। इसके अलावा अकाली दल ने 13 बसें भेजकर जिन श्रद्धालुओं को पंजाब बुलवाया, उन्हें सीधे ही घर भेज दिया गया। स्वास्थ्य विभाग ने इन सभी लोगों को घरों से उठाकर क्वारंटीन किया और सैंपलिंग की। हम जितने लोगों को नांदेड़ साहिब से पंजाब लाए, उन्हें बॉर्डर पर ही रोक कर बाकायदा टेस्ट करवाए गए। किसी को घर नहीं जाने दिया गया।
पंजाब में दूसरे राज्यों से आकर रोजी रोटी कमा रहे लोगों को उनके घर भेजने के लिए पंजाब सरकार वीरवार से स्पेशल ट्रेन शुरू कर रही है। इसके लिए 35 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों से आए लोगों का पंजाब की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में बेहतरीन भूमिका है। हमारी यह जिम्मेदारी है कि उन्हें बिना परेशानी के सकुशल घर भेजें। इसके लिए प्रभावी योजना तैयार कर ली गई है। सोनिया गांधी ने स्पष्ट कहा है कि कांग्रेस शासित राज्यों में रहने वाले लोगों को सरकारी खर्च पर भेजा जाएगा। जहां दूसरे दलों की सरकारें हैं वो भी ऐसा ही कदम उठाएं।
सिद्धू ने कहा कि हमारे हेल्थ वर्कर अपनी जान जोखिम में डालकर काम कर रहे हैं। मोगा में चार आशा वर्कर पॉजिटिव आई हैं। यह लड़ाई सिर्फ सरकार व हेल्थ वर्करों की नहीं, सभी की सामूहिक है। सैंपलिंग व टेस्टिंग में खामियों के सवाल पर मंत्री ने कहा कि जब लड़ाई बड़ी हो तो छोटी मोटी चूक होती है। हम इन्हें दूर करने का प्रयास कर रहे हैं।