जालंधर। कोरोना महामारी दौरान अपने परिवारिक सदस्य को गंवा चुके लोग सरकार की तरफ से जारी 50 हजार की वित्तीय सहायता ले सकते हैं। जिला प्रशासन की माने तो जालंधर के 1102 परिवारों को 50-50 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की भी गई है। इस बारे में डिप्टी कमिशनर घनश्याम थोरी का कहना है कि अब तक कुल 1102 परिवारों (अनाथ बच्चों सहित) ने सरकार की तरफ से दी जा रही इस वित्तीय सहायता का लाभ लिया है।
उन्होंने बाकी रहते सभी ऐसे परिवारों को भी इस सहायता के लिए अप्लाई करने की अपील की है। डीसी ने कहा कि योग्य परिवार जिला प्रशासकीय कंप्लैक्स की पहली मंजिल पर स्थित कमरा नंबर 106 से आवेदन पत्र फार्म प्राप्त कर सकते हैं। इसके इलावा फार्म जालंधर जिले की अधिकारित वेबसाइट से भी डाउनलोड किया जा सकता है।
डीसी घनश्याम थोरी ने कहा कि प्रशासन की तरफ से यह सहायता महामारी प्रभावित बच्चों को दी जा रही है, जिन्होंने कोविड -19 कारण अपने माता या पिता या फिर दोनों को गंवा दिया है। ऐसे बच्चे जिन्होंने अपने घर की रोजी-रोटी कमाने वाले को खो दिया है, अपनी पढ़ाई में सहायता के अलावा 1500 रुपये महीना वार पेंशन के योग्य हैं। डिप्टी कमिश्नर ने यह कहा कि जो कोई भी अपने माता-पिता को ख़ो चुका है। वह वित्तीय सहायता और पेंशन का लाभ लेने के लिए अप्लाई कर सकता है। उन्होंने अथॉरटी को ऐसे मामलों की समय पर पड़ताल यकीनी बनाने के आदेश दिए।