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Jalandhar News: भाजपा में टिकट पर फंसा पेंच, तीन नामों पर मंथन जारी

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चन्नी के लिए भी पार्टी में एक गुट का विरोध, दिल्ली की तरफ तमाम वर्करों की निगाहें
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अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। जालंधर लोकसभा उपचुनाव के उम्मीदवार को लेकर भाजपा के भीतर पेंच फंस गया है और यही वजह है कि पार्टी किसी का नाम फाइनल नहीं कर पा रही है। आप व कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार मैदान में उतार दिए हैं और भाजपा में अभी टिकट को लेकर पेंच फंसा हुआ है। दो दिन तक पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के नाम पर मंथन चलता रहा।
पार्टी के एक गुट जिसमें पंजाब के कई वरिष्ठ नेता भी थे, उन्होंने पार्टी के प्लेटफार्म पर चन्नी का विरोध किया कि इससे पार्टी की छवि खराब होगी। एक साल पहले ही चन्नी पर पीएम मोदी की सुरक्षा को लेकर चूक, ईडी की रेड में भतीजे हनी के घर से 10 करोड़ की बरामदगी के मामलों को भाजपा ने गली-गली तक पहुंचाया था और इससे पार्टी के कैडर में निराशा भी होगी। इसलिए फिलहाल चन्नी का मामला रोक दिया गया। वहीं भाजपा में फिर से तीन नाम पर विचार शुरू हो गया है, जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेता राजेश बाघा, पूर्व डीसीपी राजिंदर सिंह के अलावा अमृतसर के पूर्व विधायक राजकुमार वेरका का नाम शामिल है।
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पार्टी में तीनों को लेकर भी अलग-अलग बात चल रही है, हर धड़ा अपना आंकलन करके हाईकमान को भेज रहा है। पार्टी में बेशक राजेश बाघा पदाधिकारी हैं लेकिन उनकी अधिक सक्रियता ग्रामीण इलाकों में नहीं है। पार्टी यह भी साथ लेकर चल रही है कि अब की बार 954 गांवों में भी भाजपा चुनाव के लिए वोट मांगेगी। डीसीपी राजिंदर सिंह को लेकर भी एक बड़ा गुट जोर लगा रहा है, जिसमें केंद्रीय जल मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी शामिल हैं। इनका तर्क है कि राजिंदर सिंह रविदासिया सिख हैं और पगड़ीधारी होने का फायदा भाजपा को मिल सकता है।
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वहीं, राजकुमार वेरका के लिए भी शेखावत ने हाईकमान व विजय रूपाणी से चर्चा की है। वेरका के पक्ष में यह कहा गया है कि वह अकेले ऐसे उम्मीदवार होंगे जो वाल्मीकि समाज से हैं। तमाम पार्टियां रविदासिया उम्मीदवार पर दांव खेल रही हैं, अगर उनका वोट बंट गया तो अकेले वाल्मीकि समाज के उम्मीदवार को फायदा मिल सकता है।
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