कंप्यूटर अध्यापकों ने सरकार पर लगाया अनदेखी का आरोप
- फोटो : Demo Pic
कंप्यूटर अध्यापक यूनियन पंजाब के प्रधान गुरविंदर सिंह तरनतारन और सीनियर उप प्रधान बलजिंदर सिंह ने कहा कि हम बीते 11 सालों से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार इसको अनदेखा कर रही है।
सरकार के इस रवैये की वजह से 7 हजार कंप्यूटर अध्यापकों में रोष पाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर यह 7 हजार कंप्यूटर अध्यापक अपने परिवारों के साथ इस संघर्ष को तेज करते हैं तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह इन अध्यापकों के बारे में सोचे।
यूनियन के जिला प्रधान पवन शर्मा और उप प्रधान सुशील कुमार ने कहा कि इस साल 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री दलजीत सिंह चीमा के साथ हुई मुलाकात में उन्होंने इसका हल निकालने का वादा किया था। लेकिन अब तक उन्होंने अध्यापकों को शिक्षा विभाग में शिफ्ट करने के बारे में कोई फैसला नहीं लिया है।
उन्होंने कहा कि उनकी यूनियन ने मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के हलके में जाकर धरना प्रदर्शन किए। इसके अलावा 7 अगस्त को भी बठिंडा में विशाल रैली की गई। इस दौरान उनको मुख्यमंत्री से मिलवाने के वादे के साथ उनका धरना खुलवाया गया। यूनियन के प्रेस सचिव अमनदीप सिंह ने मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से अपील करते हुए कहा है कि समूह कंप्यूटर अध्यापकों को पैनल मीटिंग करके वोकेशनल मास्टर के ग्रेड के साथ शिक्षा विभाग में शिफ्ट किया जाए।