संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। संयुक्त किसान मोर्चा के राज्यव्यापी आह्वान पर किसानों ने डीसी कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने पंजाब में आई बाढ़ की न्यायिक जांच और बाढ़ पीड़ितों को पर्याप्त सहायता प्रदान करने जैसी अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की।
किसान नेताओं ने मांग की कि बाढ़ पीड़ितों को फसल के नुकसान के लिए 70 हजार रुपये प्रति एकड़ और गन्ने की फसल के लिए एक लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए। डेमोक्रेटिक किसान सभा पंजाब के राज्य अध्यक्ष डॉ. सतनाम सिंह अजनाला, उपाध्यक्ष रतन सिंह रंधावा, किरती किसान यूनियन के राज्य उपाध्यक्ष जतिंदर सिंह छीना, बीकेयू उगराहां नेता डॉ. परमिंदर सिंह पंडोरी, बघेल सिंह, किरती किसान यूनियन पंजाब के राज्य नेता धनवंत सिंह खतरा कलां, प्रभजीत सिंह टिम्मोवाल, कुल हिंद किसान सभा के राज्य सचिव अजय भवन लखबीर सिंह निजामपुरा, अखिल भारतीय किसान सभा के नेता सुच्चा सिंह अजनाला, आजाद किसान संघर्ष कमेटी के प्रदेश सचिव दलबीर सिंह बेदादपुर, बीकेयू राजेवाल के नेता सुखराजबीर सिंह लुहारका व पंजाब किसान यूनियन के प्रदेश नेता बलबीर सिंह मुधल ने कहा कि पंजाब में बाढ़ कोई प्राकृतिक आपदा नहीं है। इसके लिए भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड का घटिया प्रबंधन जिम्मेदार है। साथ ही पंजाब और केंद्र सरकार भी इस बाढ़ की जिम्मेदार है।