वर्कशाप के नजदीक प्राइवेट अस्पताल प्रबंधन द्वारा मुआवजा न देने से नाराज
सिक्योरिटी गार्ड के परिजनों ने अस्पताल पर धरना दिया। गाजीगुल्ला निवासी
गिन्नी ने कहा कि उनका रिश्तेदार मोहन लाल अस्पताल में बतौर सिक्योरिटी
गार्ड नौकरी करता था।
रविवार दोपहर एक बजे उसे अचानक खून की उल्टी आ गई।
इसके बाद जब उसको अस्पताल के अंदर ले जाया गया तो कुछ देर बाद उसकी मौत हो
गई। उन्होंने कहा कि मोहन लाल की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन ने मृतक के
परिवार वालों को मुआवजा देने का वादा किया था। लेकिन कई दिन बीत जाने के
बाद अस्पताल प्रबंधन अब आपने वादे से मुकर रहा है।
उसने आरोप लगाया कि
अस्पताल वाले अब यह आरोप लगा रहे हैं कि मोहन लाल नशा करता था। अस्पताल
वाले मुआवजा देने से बचना चाहते हैं जिसके कारण वो मृतक पर बेबुनियाद
इल्जाम लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मृतक की दो बेटियां है जिसकी परवरिश
करना परिवार के लिए मुश्किल हो गया है। अस्पताल द्वारा मुआवजा न दिए जाने
के बाद उन्होंने मजबूरन धरना दिया है।
अस्पताल के मालिक विजय महाजन ने
कहा कि हम गार्ड एक एजेंसी से आउटसोर्स करते हैं। हमने उस एजेंसी से मुआवजा
दिलाने की बात की थी। गार्ड हमारा कर्मचारी नहीं था।