हरिके वेटलैंड (बर्ड सेंक्चुरी हरिके पत्तन) में दस साल बाद कॉमन मेरगंसेर बर्ड दिखाई दे रही हैं। जबकि देश-विदेश से तकरीबन 250 प्रजातियों के पक्षी यहां पर पहुंचे हैं। उनकी देखरेख का पूरा बंदोबस्त किया गया है। इन दिनों हर साल विदेशी पक्षी यहां आते हैं जिन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। उधर, डीएफओ कल्पना का कहना है कि वैसे तो कॉमन मेरगंसेर बर्ड हरिके वेटलैंड पर आते थे लेकिन इस बार दस साल बाद यहां आए हैं। यहां सभी पक्षियों की देखरेख का पूरा बंदोबस्त किया गया है। उक्त पक्षियों को शिकारियों से बचाने के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
हरिके वेटलैंड के मुलाजिमों ने बताया कि यहां तकरीबन 80 हजार से ज्यादा रंग-बिरंगे विदेशी पक्षी पहुंचे हैं। हरिके वेटलैंड पर जो सन्नाटा छाया रहता था वो इनकी आवाजों से दूर हो गया है। उक्त झील इनके रंगों में रंग गई है। सर्दी के इस सीजन में मंगोलिया, किरगीस्तान, यूरोप, रशिया, साइबेरिया के अलावा लेह-लद्दाख और जम्मू-कश्मीर से पक्षी आए हैं। कई सालों बाद यहां पर कॉमन मेरगंसेर पक्षी नजर आए हैं।
यहां पर दक्षिण-पूर्व यूरोप से रूडी शेलडक, कॉमन शेलडक, कॉमन पोचार्ड, रेड क्रेस्टेड पोचार्ड, नार्थन लैपविंग, ग्रे लेग गीज, पिनटेल्स, गैडवाल, नार्थन शावलर, सैंड पाइपर, साइबेरियन गलज, पेंटड स्टौरक, कॉमन टौचरड, सपुन बिल्ज के अलावा कई प्रजातियों के पक्षी पहुंचे हैं। इनके खानपान का भी पूरा बंदोबस्त किया गया है। ये सभी पक्षी हजारों किमी दूर से यहां पहुंचे हैं। इन्हें देखने के लिए लोग भी हरिके पत्तन पहुंच रहे हैं।
हरिके वेटलैंड (फिरोजपुर) पर विदेशों से आए पक्षी।- फोटो : FIROZPUR
हरिके वेटलैंड (फिरोजपुर) पर विदेशों से आए पक्षी।- फोटो : FIROZPUR
हरिके वेटलैंड (फिरोजपुर) पर विदेशों से आए पक्षी।- फोटो : FIROZPUR