हरकंवलप्रीत सिंह खख को सीमावर्ती इलाके फिरोजपुर की कमान दी गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, मोहाली की घटना के बाद सीएम भगवंत मान ने डीजीपी भंवरा के साथ बैठक कर आदेश दिया था कि सूबे में आतंकवाद को सिर न उठाने दिया जाए। साथ ही देश विरोधी तत्वों की धरपकड़ के लिए ऑपरेशन चलाए जाएं। पाकिस्तान में बैठे आतंकी हरविंदर सिंह रिंदा के मजबूत नेटवर्क को ध्वस्त करना जरूरी है। इसके बाद काउंटर इंटेलिजेंस को लगातार रिव्यू किया जाने लगा है।
अतिरिक्त बल व अधिकारी काउंटर इंटेलिजेंस में भेजे जा रहे हैं। दरअसल, पंजाब में लगातार गर्म ख्यालियों व आतंकी संगठनों द्वारा माहौल बिगाड़ने की कोेशिश की जा रही है। मोेहाली में इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर पर हमला भी इसी कड़ी का नतीजा है। सबसे अहम बात है कि मोहाली के उस हेडक्वार्टर में ही तमाम आतंकी संगठनों के अलावा पंजाब में फैल रहे गर्म ख्यालियों के नेटवर्क का पूरा लेखा जोखा मौजूद है।
पिछले कुछ समय में तेजी से घटनाएं काफी चिंता का विषय बन चुकी हैं, खासकर मोहाली व पटियाला की घटना के बाद पंजाब में खासा तनाव बना हुआ है। सिख फॉर जस्टिस के नेटवर्क व लालच में फंस रहे युवाओं को लेकर भी चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। आतंकवादियों ने पंजाब के फतेहगढ़, रूपनगर, धनौला और राजपुरा में रेफरेंडम 2020 के पोस्टर और होर्डिंग्स लगाए।
अमृतसर पुलिस ने सिख फॉर जस्टिस के दो आतंकवादियों सुखराज सिंह उर्फ राजू और मलकीत सिंह उर्फ नीतू को गिरफ्तार किया जो रेफरेंडम 2020 के पोस्टर और बैनर टांग रहे थे। पंजाब में सरकारी कार्यालयों पर 'खालिस्तान जिंदाबाद' के नारे लिखे गए, जिससे पंजाब के युवाओं के भीतर खालिस्तान की आवाज को बुलंद किया जा सके। मालेरकोटला में भी डीसी कार्यालय के बाहर 'खालिस्तान जिंदाबाद' लिखा गया।
पंजाब के मोगा में खालिस्तान समर्थक तीन बार 'खालिस्तान जिंदाबाद' का नारा सरकारी कार्यालयों पर लिख चुके हैं। तीन बार झंडा भी फहराया जा चुका है। पंजाब में टिफिन बम, रिंदा के सहयोगी आतंकियों से विस्फोटक की बरामदगी ने अधिकारियोें के माथे पर बल डाल दिया है।
डीजीपी ने पूरी ताकत काउंटर इंटेलिजेंस को मजबूत करने के लिए झोंक दी है। आला अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, काउंटर इंटेलिजेंस की टीम को आधुनिक उपकरणों के अलावा तमाम संसाधन मुहैया करवाने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं।