जालंधर में गुरुद्वारा कलगीधर साहिब के बाहर कूड़ा फेंकने को लेकर हुए विवाद के बाद अब पुलिस कार्रवाई को लेकर विरोध तेज हो गया है। पीड़ित परिवार और सिख संगठनों ने थाना डिवीजन नंबर-5 के बाहर धरना दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने नाम जप और सिमरन करते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ अपना रोष जताया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं कर रही और राजनीतिक दबाव के चलते आरोपियों को बचाया जा रहा है। पीड़ित परिवार और सिख संगठनों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और आरोपियों के खिलाफ उचित कानूनी धाराएं लगाई जाएं।
दरअसल, पूरा मामला 18 सितंबर का बताया जा रहा है। पीड़ित परिवार के अनुसार, परिवार के बुजुर्ग पिता गुरुद्वारा कलगीधर साहिब में नित्यनेम करने के बाद बाहर निकले थे। इसी दौरान कूड़ा फेंकने को लेकर विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि देखते ही देखते विवाद हाथापाई और हिंसक झड़प में बदल गया।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि गुरुद्वारा साहिब के प्रधान पक्ष से जुड़े कुछ लोगों ने उनके परिवार पर हमला किया। इस दौरान बुजुर्ग महिला के सिर पर रॉड या डंडे से वार किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं।
परिजनों के मुताबिक, महिला के सिर में करीब साढ़े तीन इंच गहरा कट आया और उन्हें चार टांके लगाए गए। पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि विवाद के दौरान उन पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया गया। परिवार का दावा है कि इस पूरी घटना की कुछ तस्वीरें या सीसीटीवी फुटेज भी मौजूद हैं।
वहीं, पीड़ित पक्ष के वकील एडवोकेट साहिल ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पुलिस निष्पक्ष जांच करने के बजाय मामले में केवल खानापूर्ति कर रही है। वकील के मुताबिक, गैर-संज्ञेय अपराध से जुड़े मामले के बावजूद पुलिस बुजुर्ग बलजीत सिंह को बातचीत के नाम पर उनके घर से थाने लेकर गई। आरोप यह भी है कि उन्हें चप्पल तक पहनने का मौका नहीं दिया गया।
पीड़ित परिवार का कहना है कि इस विवाद के पीछे दुकान के किराए को लेकर चला आ रहा पुराना विवाद भी एक अहम वजह है। परिवार के अनुसार, वे लंबे समय से दुकान का किराया देते आ रहे हैं, लेकिन गुरुद्वारा कमेटी से जुड़े कुछ लोगों के साथ उनकी पुरानी रंजिश चल रही है। परिवार का यह भी दावा है कि इससे पहले भी उन पर हमला हो चुका है और वह मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है।
पुलिस कार्रवाई से नाराज सिख संगठनों और स्थानीय लोगों ने अब थाना डिवीजन नंबर-5 के बाहर धरना शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण तरीके से वाहेगुरु का सिमरन और नाम जप करते हुए अपना विरोध दर्ज करवा रहे हैं।
दर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन को दो दिनों का अल्टीमेटम दिया है। उनकी मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए, सीसीटीवी फुटेज को सामने लाया जाए और जिन लोगों पर हमले के आरोप हैं, उनके खिलाफ उचित और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि दो दिनों के भीतर उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वह बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। एसीपी वेस्ट आतिश भाटिया ने कहा कि मामला दर्ज पुलिस कार्रवाई कर रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उसी के हिसाब से अगली कार्रवाई की जाएगी।