यूके के डिप्टी हाईकमिश्नर डेविड का कहना है कि यूके सिटीजन की जबरन शादी करवाना एक अपराध है और इसमें यूके सरकार ने सात साल की सजा का प्रावधान तक कर दिया है।
डिप्टी हाईकमीशन मंगलवार को जालंधर में एनआरआई सभा में यूके सिटीजन युवाओं की जबरन शादी एक अपराध सेमिनार में हिस्सा लेने के लिए आए हुए थे।
उनके साथ यूके से सांसद वरिंदर शर्मा व अन्य लोग भी थे। इस दौरान डिप्टी हाई कमिश्नर डेविड ने कहा कि ऐसी शिकायतें आ रही हैं कि यूके सिटीजन युवाओं को उनके अभिभावक भारत में लेकर आते हैं तो संस्कृति व रीति रिवाज को देखकर उनकी जबरन शादी इंडिया में कर दी जाती है।
बच्चों का पासपोर्ट तक रख लिया जाता है। ऐसे मामलों में यूके सरकार काफी गंभीरता से काम कर रही है और मामलों को कानूनी अपराध की श्रेणी में यूके सरकार ने रखा है। अब इसमें सात साल की सजा तक हो सकती है।
उन्होंने कहा कि भारत में आने वाला कोई भी यूके का नागरिक अगर ऐसे अपराध का शिकार होता है तो इसकी शिकायत दूतावास से की जा सकती है।
उस नागरिक युवा को वापस भेजने के लिए सारे बंदोबस्त किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं में पाकिस्तान एक नंबर पर है, वहां पर 38 फीसदी मामले ऐसे सामने आ रहे हैं जबकि इंडिया में सिर्फ सात फीसदी के आसपास ऐसी घटनाएं हो रही हैं। इस दौरान एनजीओ पहल के पदाधिकारियों ने भी विचार रखे।