अमृतसर बाईपास पर खाली प्लाट में चाईनीज विस्फोटक को पुलिस की नजरों से छिपाकर रखा गया था। अवैध रूप से इस धंधे का कारोबार करने वाले आरोपी गुरदीप सिंह दीपा को पुलिस ने काबू कर लिया है। जबकि खाली प्लाट के केयर टेकर गुरदीप सिंह गोरा की तलाश की जा रही है। पिछले साल भी गुरदीप दीपा के अवैध पटाखा भंडारण के कारण मकान की छत उड़ गई थी, जिसमें एक की मौत हो गई थी।
कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर, डीसीपी गुरमीत सिंह, एडीसीपी सुडन विजी ने प्रेसवार्ता में बताया कि बाबा मोहन दास नगर में विस्फोट चाईनीज पटाखा के कारण हुआ था। चाईनीज पिस्टल की गोलियों की खेप लुधियाना से अवैध रूप से लाकर रखी गई थी। पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि अवैध रूप से पटाखे गुरदीप सिंह दीपा पुत्र खजान सिंह ने शहर से बाहर खुले एरिया में रखे थे। उसने पहले गोदाम गुरदेव नगर के पास ले रखा था लेकिन पुलिस की सख्ती के कारण उसने पटाखों की खेप को बाबा मोहन दास नगर में खाली प्लाट में रख दिए। प्लाट की देख रेख हरजिंदर जिंदी कर रहा था।
कमिश्नर ने बताया कि प्लाट का मालिक मोहिंदर सिंह है, जिसकी विदेश में मौत हो चुकी है लेकिन प्लाट की देखरेख जिंदी करता था। जिंदी व दीपा के बीच दोस्ती थी और दोनों ने आपसी सलाह कर पटाखों को बाबा मोहन दास नगर प्लाट में रख दिया।
पिछले साल गुरदीप सिंह दीपा के कारण रियाजपुरा में विस्फोट हो गया था। पटाखों के गोदाम में विस्फोट होने से एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। विस्फोट होने के बाद गोदाम में काम कर रहे चार मजदूर मलबे दब गए थे, इनमे से एक मजदूर की मौत हो गई थी। इसके अलावा गुरदीप दीपा पर दोबारा विस्फोटक पदार्थ रखने का मामला दर्ज हुआ था। दीपा पर दो मामले पहले विचाराधीन थे।
बाबा मोहन दास नगर में बने गोदाम के पास हुए धमाके के कारण घरों के बाहर खडे़ लोग।- फोटो : JALANDHAR
बाबा मोहन दास नगर मे बने गोदाम के पास से धमाके की जांच करती पुलिस।- फोटो : JALANDHAR
बाबा मोहन दास नगर मे बने गोदाम के पास से धमाके की जांच करने पहुंची पुलिस। जांच करते कमिश्नर गुरप्?- फोटो : JALANDHAR
बाबा मोहन दास नगर में धमाके के कारण लोगों के घरों के टूटे शीशे दिखाता व्यक्ति।- फोटो : JALANDHAR