जालंधर। कांफेडरेशन ऑफ स्कूल्ज एंड कॉलेजिस ऑफ पंजाब और सीबीएसई एफिलिएटेड स्कूल्ज एसोसिएशन (कासा) के प्रतिनिधियों ने अध्यक्ष अनिल चोपड़ा की अध्यक्षता में एक वर्चुअल मीटिंग का आयोजन किया। इसमें उन्होंने कहा कि पहले किताबें और अब स्कूल ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) को लेकर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने अभिभावकों और स्कूलों दोनों के पक्ष में फैसले दिए है।
पहले पंजाब सरकार ने यह फैसला जारी किया गया था कि स्कूल केवल एनसीईआरटी और सीआईएससीई बुक्स ही पढ़ा सकते हैं। सरकार के इस फैसले के खिलाफ स्कूलों को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटना पड़ा था। कोर्ट ने पंजाब सरकार के फैसले को खारिज करते हुए सिलेबस पूरा करती बुक्स नॉन एनसीईआरटी और सीआईएससीई से भी छात्रों को पढ़ने की अनुमति दी थी।
वहीं, अभी पंजाब सरकार ने छात्रों को बिना स्कूल ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) के स्कूल बदल सकने का फैसला लिया था। इस फैसले पर भी हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है और टीसी अनिवार्य कर दिया है। कॉन्फेडरेशन और कासा के अध्यक्ष अनिल चोपड़ा ने कहा कि पंजाब सरकार बार-बार स्कूलों के प्रति इस प्रकार के फैसले न ले। इस तरह के फैसले स्कूलों के प्रति नकारात्मक रवैये को दिखा रहा है। इस मौके पर उपाध्यक्ष जोध राज गुप्ता, नरोत्तम सिंह, जनरल सेक्रेटरी डॉ. अनूप बोरी, संजीव मड़िया, तरविंदर सिंह राजू, राजेश मेयर, विपिन शर्मा और संजीव चोपड़ा मौजूद रहे।