कनाडाई सशस्त्र सेनाएं इस वर्ष के लिए अपने भर्ती लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। इसका एक कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्हाइट हाउस में लौटने के बाद से इस महीने में आवेदनों में हुई वृद्धि भी है। इसका पूरा फायदा पंजाबी युवा उठा रहे हैं।
मिलिट्री पर्सनल जेनरेशन ग्रुप के कमांडर पास्कल बेलहुमर ने कहा कि पिछले महीने हमारे पास पिछले साल की तुलना में लगभग 1,000 अधिक आवेदक आए। पंजाबी समुदाय के नामचीन कुलविंदर सिंह घुम्मण का कहना है कि इस भर्ती से पंजाबी युवाओं में खासा उत्साह है। भारत में भी सिख रेजिमेंट है और यहां पर ऐसे युवाओं की संख्या काफी अधिक है, इनकी पृष्ठभूमि सेना की है।
पंजाब पुलिस में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात अवतार सिंह का कहना है कि उन्होंने अपने बेटे को कनाडा सेना में भर्ती होने के लिए कहा है। पंजाब के युवाओं को कनाडा में रोजगार की कमी है, लेकिन यह एक अच्छा अवसर है।
कमांडर बेलहुमर ने बाद में कहा कि अभी तक सेना ऐसे किसी भी व्यक्ति पर नजर नहीं रख रही है जो यह कह कर आ रहा है कि वह ट्रंप की 51वीं राज्य वार्ता या नाटो खर्च की धमकियों के मद्देनजर ऐसा कर रहा है। पंजाब से कनाडा में पीआर व सिटीजनशिप लेने वालों की संख्या 10 लाख क्राॅस कर चुकी है। लिहाजा उनमें खासा उत्साह है।
सैन्य कार्मिक प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल लीज बोर्गन ने कहा कि सेवा करने का आपका जो भी कारण हो, कृपया भर्ती केंद्र पर जाएं और अपना आवेदन दें। कनाडा में नामचीन लेखक सुखविंदर सिंह का कहना है कि कनाडा को अपनी सेना को आज के खतरे और भविष्य के अनुरूप ढलने के लिए बदलने की आवश्यकता का सामना करना पड़ रहा है। क्या इन खतरों में कनाडा पर अमेरिका का कब्जा करने की संभावित इच्छा भी शामिल है, तो उनहोंने कहा कि सैन्य दृष्टि से हम वहां बिल्कुल भी नहीं हैं। सेना की पूर्ण क्षमता 71,500 नियमित बल सदस्यों और 30,000 आरक्षित बल सदस्यों की है। 15 जनवरी तक, कनाडा के पास 64,595 नियमित बल सदस्य तथा 23,117 आरक्षित बल थे, जो लक्ष्य से 13,728 कम थे।