मुक्तसर में डिप्टी कमिश्नर सुमित जारंगल को मांगपत्र सौंपते ब्राह्मण सभा के पदाधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
ब्राह्मण सभा की ओर से शुुक्रवार को बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान तीसरी बार अमरनाथ यात्रा रोकने और वहां पर शिव भक्तों और लंगर की सेवा निभाने वालों पर हो रहे हमलों की आलोचना की गई।
इस दौरान कुलदीप राज शर्मा और चंद्र मोहन शर्मा ने जेएंडके सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जो सरकार अपने राज्य में अमन-शांति बहाल नहीं रख सकती, उसे सरकार चलाने का भी कोई अधिकार नहीं है।
उन्होंने कहा कि शिव भक्तों के अमरनाथ जाने से जेएंडके सरकार को करोड़ों का लाभ पहुंचता है। मगर इसके बावजूद वहां की सरकार अपने वोट बढ़ाने के लिए अलगाववादियों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं कर रही।
वक्ताओं ने केंद्र सरकार से मांग की है कि जम्मू-कश्मीर सरकार को बर्खास्त कर वहां राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए। इसके बाद दीपक पाल शर्मा के नेतृत्व में सभा की ओर से डीसी डॉ. सुमीत जारंगल को जम्मू-कश्मीर सरकार के नाम ज्ञापन भी सौंपा। इस दौरान शिवकांत शर्मा, कृष्ण शर्मा, राणा शर्मा, पवन कुमार शर्मा और अनिल शर्मा मौजूद थे।