घटनास्थल को किया गया सील
- फोटो : अमर उजाला
पंजाब में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
इस घटना ने राज्य में हाल ही में हुई अन्य संदिग्ध वारदातों की याद ताजा कर दी है। बीते कुछ दिन पहले चंडीगढ़ में बीजेपी ऑफिस के बाहर ब्लास्ट हुआ था जिसने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया था। वहीं, हाल ही में पटियाला के शंभू रेलवे ट्रैक पर भी ब्लास्ट हुआ था जिसमें ब्लास्ट करने वाले एक शख्स की मौत हुई थी। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने पंजाब की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच एजेंसियां अब इन सभी मामलों को जोड़कर देख रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं इनके पीछे कोई संगठित नेटवर्क या बड़ी साजिश तो नहीं है।हालांकि अभी अधिकारी खुलकर नहीं बोल रहे हैं और फारेंसिक जांच का इंतजार कर रहे हैं।
जांच एजेंसियां हर एंग्ल से कर रही जांच
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने काउंटर इंटेलिजेंस को मामले की गहराई से जांच के आदेश दिए हैं। शुरुआती तौर पर इसे गंभीर सुरक्षा चूक भी माना जा रहा है। जांच एजेंसियां अब हर एंगल से पड़ताल कर रही हैं कि क्या स्कूटी में पहले से विस्फोटक रखा गया था? अगर हां, तो किसने और कब? क्या गुरप्रीत खुद निशाने पर था या बीएसएफ मुख्यालय? सबसे अहम सवाल यह भी है कि गुरप्रीत के कोरियर लेकर आने की जानकारी किन-किन लोगों तक पहुंची थी।