पंजाब में 6 राज्यसभा सांसदों के पार्टी छोड़ने के बाद आम आदमी पार्टी डैमेज कंट्रोल में नजर आई। जालंधर में हुई करीब साढ़े तीन घंटे की बैठक में एक ओर जहां 1000 ब्लॉक पर्यवेक्षकों को बुलाकर संगठनात्मक मंथन किया गया, वहीं 19 विधायकों की गैरहाजिरी ने कई सवाल खड़े कर दिए।
पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने बैठक के बाद भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि केंद्र सरकार ईडी और सीबीआई का दुरुपयोग कर आप नेताओं को डराने की कोशिश कर रही है। उन्होंने भाजपा को गद्दारों की पार्टी बताते हुए कहा कि विकास के नाम पर उसने कोई काम नहीं किया। वहीं प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने कहा कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और सभी नेता साथ खड़े हैं।
बैठक में आधिकारिक तौर पर 1000 ब्लॉक ऑब्जर्वरों को बुलाया गया था लेकिन कई विधायक और मंत्री भी इसमें शामिल हुए। पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवा भी मौजूद रहे। हालांकि बैठक के एजेंडे को लेकर पार्टी के भीतर ही अलग-अलग दावे सामने आए। कुछ नेताओं ने इसे नियमित संगठनात्मक बैठक बताया तो कुछ ने इसे नगर निगम चुनावों की तैयारी से जोड़ा।
पहले यह बैठक मुख्यमंत्री आवास पर प्रस्तावित थी लेकिन बाद में इसे बदलकर शाहपुर सिटी कैंपस में आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने पर्यवेक्षकों और नेताओं से कहा कि वे गांवों में जाकर सरकार की उपलब्धियां लोगों तक पहुंचाएं और जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करें।
बैठक से पहले माहौल हल्का रखने और एकजुटता दिखाने के लिए नेताओं और पर्यवेक्षकों को गेम्स भी कराए गए। विधायक रस्साकशी और अन्य गतिविधियों में हिस्सा लेते नजर आए। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने इसे शक्ति प्रदर्शन और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने की कवायद बताया।
हालांकि बैठक के बाहर इसे केवल ब्लॉक ऑब्जर्वर मीटिंग बताया गया लेकिन अंदर विधायकों और मंत्रियों की मौजूदगी से विपक्ष को हमला करने का मौका मिला। विपक्ष ने आरोप लगाया कि पार्टी अंदरूनी संकट को छिपाने की कोशिश कर रही है।
ये विधायक नहीं पहुंचे
जालंधर बैठक में 19 विधायक गैरहाजिर रहे। इनमें छह मंत्री चंडीगढ़ में कैबिनेट बैठक में शामिल होने गए थे। दो विधायक लालजीत भुल्लर और हरमीत सिंह पठानमाजरा जेल में हैं। कुंवर विजय प्रताप को पार्टी ने सस्पेंड कर रखा है जबकि केंद्रीय विधायक रमन अरोड़ा को कार्यक्रमों से दूर रखा जा रहा है और उनकी जगह नितिन कोहली जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। अमित रत्न भ्रष्टाचार मामले में जेल जा चुके हैं जबकि मनजिंदर सिंह ललपुरा हाल ही में बरी हुए हैं। इसके अलावा दलबीर सिंह, लाडी ढोस, लखबीर राय, गुरलाल पहलवान, मास्टर बुध राम और जसविंदर सिंह भी बैठक में नहीं पहुंचे।
गद्दार शब्द पर उठे विवाद पर बोले स्पीकर संधवा
बैठक में पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार संधवा, मंत्री बरिंदर गोयल और विधायक बलकार सिद्धू भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान “गद्दार” शब्द को लेकर उठे विवाद पर स्पीकर कुलतार संधवा ने कहा कि यह कोई छोटा मुद्दा नहीं है, इसका जवाब दो मिनट में नहीं दिया जा सकता। उन्होंने कहा कि जो नेता पार्टी छोड़कर गए हैं, उन्हें खुद सोचना चाहिए कि उनका फैसला सही था या गलत। साथ ही उन्होंने सीएम भगवंत मान के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि दो विधायकों वाली पार्टी में सात राज्यसभा सदस्य कैसे बन सकते हैं, यह सोचने वाली बात है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर वे इस्तीफा देकर चुनाव लड़ें, तो सच्चाई सामने आ जाएगी।
भाजपा पर बरसे विधायक बलकार सिद्धू
विधायक बलकार सिद्धू ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि यह पार्टी पहले भी कई दलों को खत्म कर चुकी है और जो नेता इसमें शामिल हो रहे हैं, वे सिर्फ दो साल के मेहमान हैं। उन्होंने कहा कि नगर निगम चुनाव को लेकर यह बैठक बेहद अहम है और पार्टी पूरी मजबूती के साथ मैदान में उतरने जा रही है। वहीं मंत्री बरिंदर गोयल ने इसे रूटीन मीटिंग बताते हुए कहा कि पार्टी में ब्लॉक स्तर से लेकर मुख्यमंत्री तक सभी एकजुट हैं और पंजाब की बेहतरी के लिए लगातार चर्चा की जा रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी छोड़ने वालों से कोई फर्क नहीं पड़ता, बल्कि नुकसान उन्हें ही होता है।
आप नेताओं ने कांग्रेस और विपक्ष पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष के 50 विधायकों के पार्टी छोड़ने के दावे बेबुनियाद हैं। साथ ही यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार ने अपने वादे पूरे किए हैं और जनता 2027 में फिर से पार्टी को सत्ता में लाने का मन बना चुकी है। बैठक में पार्टी संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेने और आगामी चुनावों की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।