पूर्व क्रिकेटर और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू की भाजपा में संभावित वापसी की चर्चाओं ने पंजाब की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। इन अटकलों के बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री मनोरंजन कालिया ने एलान करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि सिद्धू के लिए पार्टी के दरवाजे बंद हैं।
मनोरंजन कालिया ने कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू पहले भाजपा छोड़कर कांग्रेस में गए और वहां रहते हुए पार्टी व नेतृत्व पर लगातार हमले किए। अब राजनीतिक परिस्थितियां बदलने पर उनकी वापसी की बातें सामने आ रही हैं, लेकिन भाजपा अवसरवाद की राजनीति को स्वीकार नहीं करती। उन्होंने कहा कि पार्टी की एक स्पष्ट विचारधारा और अनुशासन है, जिससे कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
उधर, नवजोत सिंह सिद्धू की ओर से भाजपा में वापसी को लेकर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि कांग्रेस से उनकी बढ़ती दूरी और लंबे समय से राजनीतिक सक्रियता से दूर रहने के कारण अटकलों को बल मिला है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले ऐसे राजनीतिक संकेत और बयानबाजी और तेज हो सकती है।
सिद्धू की पत्नी ने छोड़ी थी पार्टी
बता दें कि कुछ दिन पहले नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू कांग्रेस पार्टी छोड़ दी थी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट कर इसका एलान किया था। उन्होंने पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग पर पार्टी को नुकसान पहुंचाने और सबसे अक्षम व भ्रष्ट अध्यक्ष होने का आरोप भी लगाया।
कांग्रेस ने नवजोत कौर को किया था निलंबित
उल्लेखनीय है कि नवजोत कौर को पिछले महीने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित किया गया था। उन्होंने मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए 500 करोड़ रुपये देने के आरोप लगाकर राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया था। नवजोत कौर ने आरोप लगाया कि वड़िंग आप के साथ समझौता कर पार्टी को निजी लाभ के लिए बेच रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरे खिलाफ सस्पेंशन लेटर तैयार था लेकिन 12 वरिष्ठ नेताओं ने मिलकर मुझे नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया और उन्हें बड़े पदों पर नियुक्त कर दिया गया। उन्होंने कहा कि उनके पास वड़िंग को बेनकाब करने के पर्याप्त सबूत हैं लेकिन वह ऐसा नहीं करना चाहती क्योंकि उन्होंने खुद कांग्रेस छोड़ दी है।
किसी पार्टी के संपर्क में नहीं
नवजोत कौर ने कहा कि कोई भी पार्टी अब तक उनसे संपर्क में नहीं आई है। उनका कहना है कि वह पंजाब के लोगों की सेवा एनजीओ के माध्यम से करना चाहती हैं। वह संतों के मार्गदर्शन में निस्वार्थ सेवा पर ध्यान देंगी। उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर भी भ्रष्टाचार और विभागीय अनियमितताओं के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि केंद्र से मिलने वाले फंड का गलत इस्तेमाल मुफ्त योजनाओं और निजी लाभ के लिए किया जा रहा है जबकि शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि जैसी अहम योजनाओं में गंभीर कमी है।
20212 में भाजपा से विधायक बनी थीं
नवजोत कौर 2012 में अमृतसर ईस्ट विधानसभा सीट से भाजपा से चुनाव लड़ते हुए विधायक चुनी गई थीं। बाद में वह कांग्रेस में शामिल हो गईँ। उनकी राजनीतिक यात्रा विवादों और स्पष्ट बयानबाजी के कारण हमेशा सुर्खियों में रही है।